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ब्रिटिश अधिकारीः अफ़ग़ानिस्तान में हैलीकौप्टरों की कमी सैनिकों के लिए ख़तरनाक
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31/10/2009
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| A British Ministry of Defense photo shows British troops as they prepare to go on patrol in Afghanistan's Helmand province (File) |
ब्रिटिश समाचार पत्र “डेली मेल” ने शनिवार को रिपोर्ट दी कि लैफ़्टिनेन्ट कर्नल रूपर्ट थौर्नलो ने जून में दिए एक साप्ताहिक संक्षिप्त विवरण में लिखा था कि हैलीकौप्टरों के बिना सैनिकों को सड़कों से यात्रा करनी पड़ रही है.
उन्होंने कहा इससे उनके लिए सड़कों पर रखे बमों से ख़तरा बढ़ गया है. एक महीने बाद वह 39 वर्षीय अधिकारी इसी तरह के एक बम विस्फोट में मारे गए.
ब्रिटेन के वायु सेना प्रमुख जौक स्टिरप ने कहा कि बहुत से पैदल सैनिक मारे जाते हैं जिसके लिए उन्होंने कहा कि वह अफ़ग़ानिस्तान में चल रही लड़ाई का एक महत्वपूर्ण अंग है.
प्रतिरक्षा मंत्री बौब एन्सवर्थ ने कहा कि सेना उस क्षेत्र में और अधिक हैलीकौप्टर भेजने का प्रयास कर रही है.
अफ़ग़ानिस्तान में ब्रिटिश सैनिकों के लिए जुलाई का महीना अब तक का सबसे घातक महीना था.
श्री थौर्नलो की मृत्यु के तीन सप्ताह बाद, 22 जुलाई को ब्रिटिश प्रधान मंत्री गोर्डन ब्राउन ने संसद में कहा कि ब्रिटिश सैनिकों की बढ़ती मृत्यु का कारण हैलीकौप्टरों की संख्या में कमी नहीं है.
“डेली मेल” ने कहा कि श्री थौर्नलो की टिप्पणी के साथ अफ़ग़ानिस्तान में एक अन्य वरिष्ट अधिकारी की टिप्पणी, उनके इस वक्तव्य का खंडन करती हैं.
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