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भूतपूर्व अमरीकी राष्ट्रपति बुशः अफ़ग़ानिस्तान मिशन “शांति के लिए आवश्यक”
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31/10/2009
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Former US President Bush with Indian Prime Minister Manmohan Singh
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भारत की राजधानी नई दिल्ली में एक नेतृत्व सम्मेलन में बोलते हुए श्री बुश ने चेतावनी दी कि अगर तालिबान और अल-क़ायदा अफ़ग़ानिस्तान पर नियंत्रण कर लेते हैं तो वहां के लोगों को “फिर से बर्बर अत्याचारों का सामना करना पड़ेगा”.
श्री बुश ने ग्यारह सितंबर को अमरीका पर हुए हमलों के बाद सन् 2001 के अंत में अफ़ग़ानिस्तान में सैनिक भेजे जाने के आदेश दिए थे. उग्रवादियों से लड़ने के लिए किए गए हमले में जल्दी ही रूढ़िवादी तालिबान सरकार को सत्ता से हटा दिया गया था.
पद मुक्त होने के बाद भूतपूर्व राष्ट्रपति सार्वजनिक रूप से कम ही दिखाई देते हैं.
टिप्पणियां :
1. afghan problem
purva rashtrapati bush ka bayan bilkul sahi hai ki afghan mission shanti ke liye avashyak hai.al qaeda/taliban puri duniya ke liye khatra hai.in tatwon ko pakistan ne ubharne ka mouka diya.7 vin sadi ki khilaphat hindukush men banai jaye yah idea ISI ka tha.Mulla Umer ISI ka hi mukhouta hai.Laden financer hai.yadi george bush karvai nahin karte to ye tatwa pata nahin kya karte.bush ko dhanyavad hai ki unhonne karvai kar is khatre ko check kiya.
afghanistan men loktantra bahut jaruri hai.pura afpak kshetra OLD HINDUSTAN hi hai.
Submitted by: S R Wakankar (Bharatvarsha)
11-02-2009 - 01:48:29
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