राज्य विधानसभा के चुनाव परिणाम आने के दो सप्ताह बाद भी कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में मंत्रालयों के बंटवारे पर सहमति नहीं बन पा रही है.
गृह, वित्त और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों के बंटवारे पर गतिरोध को निपटाने के लिये बात करने के लिये एनसीपी नेता दिल्ली आ रहे हैं.
कांग्रेस ने शरद पवार के नेतृत्ववाली राष्ट्रवादी कांग्रेस से 20 सीटें ज्यादा जीती हैं और वो महत्वपूर्ण मंत्रालय अपने पास रखना चाहती है.
जबकि एनसीपी का कहना है कि किसी भी हालत में 42 में से आधे मंत्रालय उसे मिलने चाहिये. एनसीपी की ये भी दलील है कि राज्य में पहली संयुक्त सरकार के गठन के समय से ही उसके पास चले आ रहे गृह, वित्त और ऊर्जा मंत्रालय भी उसी के पास रहने चाहिये.