मोहाली में खेले गए चौथे एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को २४ रनों से हराया. इस रोमांचक मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने ४९.२ ओवर में २५० रन बनाये. भारत ने टॉस जीतकर पहले क्षेत्र रक्षण करने का निर्णय लिया था.
भारत के गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी की आशीष नेहरा ने ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज शौन मार्श को ५ रन के निजी स्कोर पर एल बी डब्ल्यू आउट कर दिया. उसके बाद शेन वाटसन और कप्तान रिकी पोंटिंग ने अच्छी साझेदारी की. इस जोड़ी ने दूसरे विकेट के लिए ६४ रन जोड़े. वाटसन ५२ गेंदों में ६ चौकों के साथ ४९ रन बनाकर हरभजन सिंह की गेंद पर धोनी द्वारा कैच आउट किये गए. तो कप्तान रिकी पोंटिंग ने ५९ गेंदों में ५ चौकों और एक छक्के के साथ ५२ रन बनाये. उन्हें रविन्द्र जडेजा ने रन आउट कर दिया.
मध्यक्रम के बल्लेबाज क्रेग व्हाइट और मायकल हसी ने शानदार साझेदारी की. हसी ४० रन के निजी स्कोर पर युवराज सिंह का शिकार बने तो व्हाइट को ६२ रन के निजी स्कोर पर आशीष नेहरा ने रन आउट कर दिया. इन दोनों के आउट हो जाने के बाद कोई भी बल्लेबाज कुछ खास खेल नहीं दिखा पाया और ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम २५० रन पर सिमट गई. भारत की ओर से आशीष नेहरा ने ३ विकेट लिए तो हरभजन सिंह ने २ विकेट लिए.
जवाब में भारत ने धुवांधार शुरुआत की थी जब वीरेंदर सेहवाग ने १९ गेंदों में ७ चौकों की मदद से ३० रन बनाये. सेहवाग को बोलिंगर की गेंद पर वाटसन ने लपक लिया. उसके बाद मैदान पर आये विराट कोहली भी १० रन के निजी स्कोर पर बोलिंगर की ही गेंद पर मनोऊ द्वारा कैच आउट कर दिए गए. तेंदुलकर और युवराज सिंह जब अच्छी साझेदारी की ओर बढ़ रहे थे तब तेंदुलकर ४० रन के निजी स्कोर पर हरित्ज़ के गेंद पर एल बी डबल्यू करार दिया गया. लेकिन री- प्ले में साफ़ नजर आ रहा था कि यह निर्णय शायद गलत था. उसके बाद धोनी और युवराज की जोड़ी मैदान पर थी और लग रहा था की दिल्ली के मुकाबले की तरह इस मुकाबले में भी यह दोनों भारत को जीत दिलाएंगे लेकिन युवराज पोंटिंग के अचूक निशाने के शिकार बने तो धोनी बोलिंगर की गेंद पर मनोऊ द्वारा कैच आउट हो गए. युवराज ने १२ रन बनाये तो धोनी ने २६ रन बनाये.
धोनी के बाद मैदान पर उतरे सुरेश रैना भी कुछ खास खेल नहीं दिखा पाए, वह १७ रन के निजी स्कोर पर हौरित्ज़ की गेंद पर बोल्ड हुए तो रविन्द्र जडेजा सिर्फ ७ रन बनाकर रन आउट हो गए. इन दोनों के आउट हो जाने के बाद पहले मुकाबले की तरह भज्जी और प्रवीण कुमार की जोड़ी मैदान पर थी. भज्जी ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए २५ गेंदों में ५ चौकों और एक छक्के की मदद से ३१ रन बनाये, उन्हें शेन वाटसन ने अपनी ही गेंद पर कैच आउट कर दिया. तब भारत को जीत के लिए आखरी ७ ओवर में ४१ रनों की जरूरत थी. प्रवीण कुमार ने १९ गेंदों में १६ रनों की पारी खेली और वह वाटसन की गेंद पर विकेट कीपर मनोऊ द्वारा कैच आउट कर दिए गए. जब इशांत शर्मा बैटिंग के लिए मैदान में उतरे तब भारत को आखरी ५ ओवर में जीत के लिए ३३ रनों की आवश्यकता थी लेकिन नेहरा और इशांत शर्मा इस चुनौती का मुकाबला नहीं कर पायें और भारत की पारी ४६.४ ओवर में २२६ रन पर समाप्त हो गयी. ७ मैच इस शृंखला में अब २-२ की बराबरी हुई है.