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अमरीकी विदेश मंत्री क्लिंटनः बस्तियों के बारे में इस्रायल का औफ़र “अमरीका की प्रत्याशाओं से कम”
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02/11/2009
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| U.S. Secretary of State Hillary Rodham Clinton speaks during a press conference in Jerusalem, 31 Oct 2009 |
आज मोरक्को में की गई श्रीमती क्लिंटन की इन टिप्पणियों के पहले उन्होंने इस्रायल की काफ़ी प्रशंसा की थी जिसकी अरब विश्व में बहुत अधिक आलोचना हुई.
सप्ताहांत के दौरान इस्रायली और फ़िलिस्तीनी नेताओं से वार्ताओं के बाद श्रीमती क्लिंटन ने शांति समझौता वार्ताएं फिर से शुरू कराने के प्रयास में बस्तियों का विस्तार सीमित करने के इस्रायल के निर्णय की “अभूतपूर्व” रियायतें कह कर प्रशंसा की थी.
श्रीमती क्लिंटन इस्रायल के प्रधान मंत्री बेन्यामिन नेतनयाहू के इस कथन से भी सहमत थीं कि फ़िलिस्तीनियों ने शांति वार्ताएं फिर से शुरू किए जाने के लिए बस्तियों के निर्माण पर रोक की मांग अतीत में कभी नहीं रखी.
इन टिप्पणियों के बाद फ़िलिस्तीनी नेताओं ने अमरीका पर शांति वार्ताओं को क्षति पहुंचाने का आरोप लगाया था.
फ़िलिस्तीन के प्रमुख समझौता वार्ताकार सायेब एराकात ने रविवार को इस बात की पुनर्पुष्टि की कि जब तक इस्रायल बस्तियों के निर्माण पर रोक नहीं लगाता, तब तक वार्ताएं फिर से शुरू नहीं की जाएंगी.
रविवार को जोर्डन और मिस्र ने वक्तव्य जारी करके फ़िलिस्तीन की अवस्थिति का समर्थन किया था.
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