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| Photo obtained by AP outside Iran shows anti-government protestors in Tehran, 04 Nov 2009 |
पुलिस ने बुधवार को तेहरान की सड़कों पर निकल आए सैकड़ों लोगों को तितर बितर करने के लिए लाठियों का प्रयोग किया और आंसू गैस छोड़ी. प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि पुलिस ने हफ़्ते-तीर चौक में सक्रियवादियों को मारा पीटा और उन्हें गिरफ़्तार किया जहां सैकड़ों ईरानी, सुधारवादी प्रतिपक्षी नेता मीर हुसैन मुसावी के प्रति समर्थन व्यक्त करने के लिए इकट्ठा हुए थे.
जून में राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद को विवदास्पद रूप से फिर से चुने जाने के बाद शुरू हुए प्रदर्शनों को ताज़ा करते हुए प्रदर्शनकारियों ने “तानाशाह मुर्दाबाद” के नारे लगाए.
कुछ प्रतिपक्षी दलों ने कहा कि सुदूर दक्षिण में स्थित शिराज़ और इस्फ़ाहान में भी इसी तरह के प्रदर्शन हुए.
इसी समय तेहरान स्थित बन्द अमरीकी दूतावास के बाहर आयोजित एक अमरीका विरोधी रैली में हज़ारों लोगों ने “अमरीका मुर्दाबाद” और “इस्रायल मुर्दाबाद” के नारे लगाए.
यह प्रदर्शन तीस वर्ष पहले ईरानी छात्रों द्वारा अमरीकी दूतावास में ज़बरदस्ती प्रवेश करके 52 अमरीकियों को 444 दिनों तक बंधक रखे जाने की याद ताज़ा करने के लिए किए गए.
इस अवसर पर अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ईरान से आह्वान किया कि उसके सामने विकल्प हैं कि वह अतीत पर ध्यान केन्द्रित रखना चाहता है या “अपनी जनता के लिए महान अवसरों का द्वार खोलना चाहता है.”
मंगलवार रात को जारी एक वक्तव्य में राष्ट्रपति ओबामा ने कहा “हम 30 वर्षों से यह सुनते आ रहे हैं कि ईरान सरकार किस बात के ख़िलाफ़ है, अब प्रश्न यह है कि वह किस तरह का भविष्य चाहती है.”
उन्होंने यह भी कहा कि अमरीका ईरान के साथ “आपसी हितों और आपसी सम्मान” पर आधारित संबंधों का इच्छुक है.