गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने आज दिल्ली में सफाई दी कि जमीयत-उलेमा-ए-हिंद की बैठक में उनकी उपस्थिति में वंदे मातरम के विरुद्ध कोई फतवा जारी नहीं किया गया. श्री चिदंबरम संस्था की तीसवीं वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिये कल मंगलवार को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में स्थित इस्लामिक शिक्षा के प्रसिद्ध केंद्र दारुल उलूम देवबंद गये थे. इसी बैठक में जमीयत ने मुस्लिमों को वंदे मातरम का पाठ करने से मना करने का फतवा जारी किया था.
गृहमंत्री के कार्यालय से जारी एक वक्तव्य में कहा गया है, "गृहमंत्री पी. चिदंबरम जेयूएच के सम्मेलन में भाग लेने के लिये तीन नवंबर की सुबह 10 से 12 बजे तक देवबंद में थे. उनकी उपस्थिति में कोई प्रस्ताव नहीं पारित किया गया था. वंदे मातरम, महिला आरक्षण और टेलीविजन से संबंधित किसी फतवे की उन्हें जानकारी नहीं है."
भाजपा ने गृहमंत्री की उपस्थिति में वंदे मातरम के विरुद्ध फतवा जारी किये जाने पर उनकी कटु आलोचना की थी. इसका उत्तर देते हुये वक्तव्य में कहा गया है कि गृहमंत्री ने वहां पर केवल पहले से लिखा एक भाषण ही पढ़ा था.