बॉम्बे उच्च न्यायालय ने मुंबई पर हुये आतंकी हमले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायालय को आदेश दिया है कि वो विडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के जरिये राष्ट्रीय सुरक्षा गॉर्ड के उन कमॉण्डो सैनिकों का बयान दर्ज करे जिन्होंने आतंकवादियों के विरुद्ध कार्यवाही में भाग लिया था.
उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में ये भी कहा कि कमाण्डो दस्ते के सदस्यों द्वारा आतंकवादियों के विरुद्ध अपनाये गये तरीकों और तकनीकों के संबंध में कोई सवाल नहीं पूछा जाये.
पहले केंद्र सरकार ने कमाण्डो दस्ते के सदस्यों से पूछताछ का विरोध किया था. अतिरिक्त सालिसिटर जनरल डैरियस खम्बाटा ने कहा कि न्यायालय ने केंद्र सरकार के उस सुझाव को भी स्वीकार कर लिया कि मीडिया को कमाण्डो दस्ते के सदस्यों की गवाही की रिपोर्टिंग करने की अनुमति नहीं होनी चाहिये.