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चीन के विरोध के बावजूद दलाईलामा भारत -चीन सीमा क्षेत्र में पहुंचे
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08/11/2009
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 | | Tibetan spiritual leader the Dalai Lama arrives at the Tawang monastery, in Tawang, in the northeastern Arunachal Pradesh state, India, 08 Nov 2009 | दलाईलामा, आज अरुणाचल प्रदेश पहुंच गये हैं, सड़कों पर हज़ारों की संख्या
में बौद्ध-भिक्षु लाइनों में, उनके स्वागत के लिए खड़े थे. उत्तर-पूर्व
भारत में, अरुणाचल प्रदेश चीन के साथ भारत की सीमा पर एक विवादास्पद
क्षेत्र है.
अध्यात्मिक नेता ने, चीन के इस आरोप को गलत बताया है कि उनकी ये यात्रा,
तिबेट को चीन से अलग करने की योजना का एक अंग है. दलाईलामा ने कहा है, वह
जहां कहीं भी जाते है, उनके खिलाफ चीनी अधिकारियों की ये आलोचना सुनने को
मिलती है.
चीन ने दलाई लामा की, हिमालय के इस मठ की यात्रा का कड़ा विरोध किया था और
भारत सरकार से मांग की थी कि वह उनकी ये यात्रा रद्द कर दे. लेकिन भारत के
प्रधानमंत्री सहित, देश के चोटी के अधिकारियों ने ऐसा करने से इंकार कर
दिया था. उनका कहना है कि दलाईलामा उनके माननीय अतिथी हैं, तवांग मठ की
उनकी ये यात्रा धार्मिक है न कि राजनीतिक.
हालांकि भारत ने पिछले हफ़ते विदेशी पत्रकारों को जो दलाई लामा की इस
यात्रा की खबरें देने के लिए उस क्षेत्र में जाना चाहते थे उनके परमिट
रद्द करके चीन को शांत किया था. लेकिन ये प्रतिबन्ध भारतीय पत्रकारों पर
लागू नहीं होते.
वर्ष १९६२ में भारत और चीन के बीच, अरुणाचल प्रदेश को लेकर युद्ध हुआ था. उस समय से लेकर अबतक ये क्षेत्र, विवाद का मुद्दा बना हुआ है.
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