आज नई विधानसभा का पहला दिन था और नवनिर्वाचित सदस्य शपथ ले रहे थे. जब सपा नेता अबू आज़मी ने हिंदी में शपथ लेने की कोशिश की तो महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के सदस्यों ने इसका विरोध किया.
भारतीय समाचार चैनलों में दिखाया गया है कि कैसे राज ठाकरे की पार्टी मनसे के विधायक अबू आजमी के पास पहुंचे और उनके माइक को छीनकर गिरा दिया. इस पर भी मनसे विधायकों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और कुछ विधायकों ने उनसे धक्का-मुक्की की और उन्हें थप्पड़ मारने की कोशिश की.
घटना के बाद अबू आज़मी ने कहा, "मुझे मराठी नहीं आती इसीलिये मैंने सभापति से निवेदन किया था कि जब तक मैं मराठी नहीं सीख लेता मैं हिंदी में ही काम करूंगा." उन्होंने कहा कि हिंदी में शपथ लेने की वजह से मनसे के विधायकों ने उनके साथ हाथा-पाई की है.
राज ठाकरे ने इससे पहले भी चेतावनी दी थी कि महाराष्ट्र के सभी विधायकों को मराठी में ही शपथ लेनी होगी और जो ऐसा नहीं करेगा उसे उनकी पार्टी के विधायक देख लेंगे. राज ने इसके लिये सभी 288 विधायकों को एक व्यक्तिगत पत्र भी लिखा था.
इस घटना की राजनीतिक हलकों में व्यापक निंदा की गई है. समाजवादी पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह ने लखनऊ में कहा कि हिंदी में शपथ लेने की वजह से भारत के लोग अबू आजमी का सम्मान करेंगे. हालांकि राज ठाकरे ने इस घटना के बाद से इस पर अपनी प्रतिक्रिया नहीं जताई है.
इस घटना के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई और महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के चार विधायकों को चार वर्ष के लिये सदन की सदस्यता से निलंबित कर दिया है.