मनसे विधायक शिशिर शिंदे, राम कदम, वसंत गीते और रमेश बैंजले को चार वर्ष के लिये सदन से निलंबित कर उनके विधानसभा सदन में प्रवेश करने और किसी भी कार्यवाही में भाग लेने पर भी रोक लगा दी गई है.
मनसे विधायक राम कदम ने अबू आज़मी को थप्पड़ मारने की कोशिश की थी. ये चारों विधायक अब मुंबई और नागपुर स्थित विधानसभा सदनों में चार वर्ष तक प्रवेश नहीं कर पायेंगे.
मुख्यमंत्री अशोक चाह्वाण ने कहा, "ये सवाल हिंदी और मराठी का नहीं है. ऐसा करना महाराष्ट्र की संस्कृति के खिलाफ है. इसीलिये स्पीकर महोदय ने कठोर कार्यवाही करते हुये मनसे के चार विधायकों को चार वर्ष के लिये निलंबित कर उनके सदन में प्रवेश पर भी रोक लगा दी है."
इस घटना पर हिंदी पट्टी के नेताओं और भाकपा ने कड़ी आपत्ति जतायी है. भाकपा ने कहा कि राज ठाकरे क्षेत्रवाद और भाषा के आधार पर देश को बांटने की कोशिश कर रहे हैं.