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भोपाल त्रासदी की वर्षगांठ पर उस स्थल को पर्यटकों के लिए खोलने की भारत सरकार की योजना की आलोचना
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11/11/2009
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| The only monument in Bhopal remembering the thousands who were killed and permanently disabled by the 1984 toxic gas release |
इस सप्ताह एक सरकारी अधिकारी ने घोषणा की थी कि भोपाल में स्थित भूतपूर्व यूनियन करबाइड कारख़ाना तीन दिसंबर को एक सप्ताह के लिए सार्वजनिक रूप से खोल दिया जाएगा.
दिसंबर 1984 में कीटनाशक दवाएं बनाने वाले यूनियन कारबाइड के कारख़ाने में हुए गैस के रिसाव से उसके आस पास रहने वाले तीन हज़ार से अधिक लोगों की मृत्यु हो गई थी.
भोपाल गैस त्रासदी राहत और पुनर्वास मंत्री बाबूलाल गौड़ ने कहा कि उस क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर बने संदेह दूर करने के लिए यह स्थल फिर से खोला जा रहा है. श्री गौड़ ने कहा कि कारख़ाने के दौरे जनता के उन संदेहों को दूर करेंगे कि नुक़्सानदेह रसायन अभी भी कारख़ाने में मौजूद हैं.
दुर्घटना में बचे कुछ लोगों और सक्रियवादियों का कहना है कि उस कारख़ाने के दौरे से लोगों को ख़तरा हो सकता है, क्योंकि उस क्षेत्र में ज़हरीली गैस अभी भी मौजूद है.
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