(वी.ओ.ए न्यूज़)
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि उसे इंडोनेशिया के एक सुदूर इलाके में, जहां बर्ड फ्लू से दो लोगों की मौत हुई है, इंसानों के बीच बर्ड फ्लू के फैलने का कोई प्रमाण नहीं मिला है ।
संयुक्तराष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी ने मंगलवार को यह घोषणा की । उसने पश्चिम जावा के सिकेलेट इलाके में बर्ड फ्लू के एक संदिग्ध मामले की जांच के बाद यह जानकारी दी ।
इस क्षेत्र में तीन मामलों की पुष्टि की गई थी, जिनमें से दो की मौत हो गई थी । कम-से-कम तीन और लोगों के बर्ड फ्लू से मरने का संदेह है । इन मौतों की वजह से यह चिंता जताई गई थी कि एच5एन1 विषाणु संभवतः ऐसी किस्म में परिवर्तित हो चुका है, जो आसानी से इंसानों के बीच फैल सकती है ।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कुछ ऐसे लोगों की मौत हुई, जो उन लोगों के रिश्तेदार थे, जिन्हें बर्ड फ्लू था, लेकिन उनका निदान नहीं किया गया था । संगठन का कहना है कि जांच करने पर एक से दूसरे इंसान में विषाणु के फैलने का या पक्षियों से इंसानों में ज्यादा आसानी से विषाणु फैलने का कोई प्रमाण नहीं मिला है ।
एजेंसी ने कहा है कि सिकेलेट में जून के अंत में बर्ड फ्लू तब फैला था, जब बाहर के बाजार से लाए गए चूजों को स्थानीय चूजों के साथ रखा गया । एजेंसी का कहना है कि ग्रामीणों को संभवतः यह विषाणु मृत पक्षियों के सम्पर्क में आने से या बीमार अथवा मृत पक्षियों को खाने के लिए तैयार करने के दौरान लगा होगा ।