एक 17-वर्षीय इंडोनेशियाई लड़की की बर्ड फ्लू से मौत हो गई है । इंडोनेशिया के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस लड़की की मौत राजधानी जकार्ता के पश्चिम में, तानगेरांग में हुई । एक हफ्ते से भी कम समय पहले, रिज़ॉर्ट द्वीप बाली में एक 29-वर्षीय महिला की इस विषाणु से मौत हुई थी ।
विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, एशिया में बर्ड फ्लू के उभरने के बाद करीब 60 देशों ने इस विषाणु के प्रसार की पुष्टि की है । आज तक करीब 190 लोगों की मौत बर्ड फ्लू से हो चुकी है । इंडोनेशिया में इस संक्रमण की दर विश्व में सबसे अधिक रही है और अब तक सौ से ज्यादा मामले सामने आए हैं, जिनमें से 83 रोगियों की मृत्यु हो चुकी है ।
मार्च में इंडोनेशिया बर्ड फ्लू के एच5एन1 विषाणु के मानव में हुए संक्रमण के नमूने विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ बांटने के लिए तैयार हो गया था, लेकिन अभी तक इंडोनेशिया ने वायदे के अनुसार नमूने मुहैया नहीं कराये हैं । विश्व स्वास्थ्य संगठन के अंतर्राष्ट्रीय इंफ्लुएंज़ा निरीक्षण नेटवर्क में शामिल देश ऐसे नमूने मुहैया कराते हैं ताकि विशेषज्ञ इस विषाणु के ज़्यादा संक्रमणीय किस्म में परिवर्तित होने के खतरे का अनुमान लगा सकें । ऐसे नमूनों से निदान के लिए परीक्षण और टीके विकसित करने में भी मदद मिलती है ।
डॉ. डेविड हेमान संक्रमणीय रोगों के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक हैं । उनका कहना है कि बर्ड फ्लू विषाणु के मानवीय नमूने मुहैया न कराके इंडोनेशिया “अपनी आबादी को खतरे में डाल रहा है, क्योंकि अगर उन विषाणुओं को उदारता से उद्योग के साथ बांटा नहीं गया तो टीके में इंडोनेशियाई संक्रमण के तत्व नहीं होंगे ।” उन्होंने कहा कि इससे विश्व के जन स्वास्थ्य को भी खतरा होगा ।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की विश्व स्वास्थ्य परिषद ने मई में एच5एन1 टीके का नया भंडार बनाने का प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें शुरू में 5 करोड़ खुराक होंगी । डॉ. हेमान ने कहा, “विश्व स्वास्थ्य संगठन अब इस टीके पर नियंत्रण रखने की प्रक्रिया तय करने और यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है कि इसे दुनिया भर के जरूरतमंद देशों में समान रूप से वितरित किया जाए ।”
वैज्ञानिकों को चिंता है कि किसी दिन बर्ड फ्लू का एच5एन1 विषाणु एक से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल सकेगा । राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा कि कोई भी देश बर्ड फ्लू महामारी के खतरे की उपेक्षा नहीं कर सकता “और हर देश की जिम्मेदारी इसका पता लगाने और इसका प्रसार रोकने की है ।”