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| A biologist removes a brown thrasher caught in a net so it can be banded |
पश्चिम अफ्रीकी देश टोगो ने हाल ही में अपनी राजधानी के बाहर बर्ड फ्लू के कई और मामलों की जानकारी दी थी, जिससे वह अपनी पोल्ट्री में घातक एच5एन1 विषाणु पाने वाला सातवां पश्चिम अफ्रीकी देश बन गया है । बर्ड फ्लू विशेषज्ञों का कहना है कि अफ्रीका को इस विषाणु के खिलाफ लंबा संघर्ष करना होगा और पशुओं में अन्य तरह के रोग भी विकसित हो सकते हैं ।
टोगो के सरकारी अधिकारियों ने कहा है कि वे पिछले साल के आरंभ से किसानों से विषाणु पाए जाने के संकेत मिलने की जानकारी देने के लिए कह रहे हैं ।
एशिया में चार साल पहले एच5एन1 विषाणु फिर से पोल्ट्री में उभरा था और तब से 60 देशों में इस रोग के पाए जाने की जानकारी मिली है । इसकी वजह से 20 करोड़ से ज्यादा पक्षियों की मौत हो गई है और करीब 190 लोग संक्रमित हुए हैं ।
विशेषज्ञों ने विषाणु की तुरंत खोज के लिए टोगो की सराहना की है, लेकिन वहां के अधिकारियों ने कहा है कि लोगों को समझाना बहुत मुश्किल है ।
पेरिस स्थित विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन के निदेशक, एलेक्स थीरमान ने कहा कि पश्चिम अफ्रीका में जो लोग पशुपालन करते हैं, वे बहुत गरीब होते हैं और उन्हें अपनी जीविका के साधन को मारने के लिए समझाना मुश्किल होता है ।
उन्होंने कहा कि उन्हें यह समझाना मुश्किल है कि पक्षियों को मारने की जरूरत इसलिए है कि महामारी फैल सकती है, लेकिन उनके पास इस संभावना की चिंता करने के लिए समय नहीं है । वे हर रोज बहुत सारी समस्याओं से लड़ते हैं । इसलिए अगर उन्हें प्रोत्साहन देने का अच्छा कार्यक्रम नहीं चलाया गया और जानकारी देने पर नुकसान की भरपाई करने का आश्वासन नहीं दिया गया तो वे इसमें भाग नहीं लेंगे ।
दानदाता देशों ने रोग की तुरंत जानकारी देने के लिए किसानों को पैसा देने की पेशकश की है, लेकिन किसानों को उनके पक्षियों के बदले पैसा देना कठिन है, क्योंकि यह साबित करना मुश्किल है कि वे ही उसके मालिक हैं ।
विश्व बैंक के इनफ्लूएंजा कार्यक्रमों के लिए आर्थिक सलाहकार, ओलगा जोनास, जो बर्ड फ्लू के लिए दान देने वालों में समन्वय करती हैं, ने कहा कि स्थानीय अधिकारियों को पोल्ट्री किसानों की पहचान करने और उनके पक्षियों की सूची बनाने की जरूरत है ताकि भ्रष्टाचार न हो ।
परंतु वह मानती हैं कि सुदूर इलाकों में रहने वाले छोटे किसानों का पता लगाना मुश्किल है ।
पश्चिम अफ्रीका में गैर-व्यावसायिक और परिवार द्वारा मुर्गी पालन आम बात है, जहां लोग अक्सर अपने पक्षियों के घनिष्ठ सम्पर्क में रहते हैं ।
बर्ड फ्लू पर अंकुश लगाने की दूसरी रणनीति पशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करना है । विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन के अधिकारी श्री थीरमान का कहना है कि पश्चिम अफ्रीका में पशु चिकित्सा सेवाएं अच्छी न होने के कारण तेजी से फैलने वाले इस रोग पर नियंत्रण करना मुश्किल है ।
पशु चिकित्सकों का कहना है कि पशुओं में ज्यादातर रोग तेजी से फैलते हैं । संदेह है कि बीसवीं सदी में फ्लू की तीन बड़ी महामारियों के फैलने का कारण पशु थे, जिसकी वजह से करोड़ों लोग मारे गए ।
गत् सितंबर में बर्ड फ्लू के लिए दान देने वाले देशों की बैठक में विश्व बैंक ने 1.5 अरब डॉलर की अतिरिक्त राशि इकट्ठा करने के लिए कहा था । इसके जवाब में केवल एक-तिहाई राशि मिली और ज्यादातर पैसा देने का वायदा अमेरिका, जापान और यूरोपीय संघ ने किया ।
इस साल पश्चिम अफ्रीका में नाइजीरिया, घाना, आइवरी कोस्ट, बुर्कीना फासो, नाइजर और टोगो में एच5एन1 विषाणु पाया गया है । दानदाता देशों ने पश्चिम अफ्रीकी देशों में बर्ड फ्लू कार्यक्रमों के लिए 9.5 करोड़ डॉलर देने का वायदा किया है । इसमें से 5 करोड़ डॉलर नाइजीरिया को दिये जाएंगे, जहां बर्ड फ्लू से एक व्यक्ति की मौत होने की जानकारी मिली है ।