(संवाददाता, वी.ओ.ए न्यूज़)
अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विशेषज्ञों के एक दल ने बर्ड फ्लू के प्रसार पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से इंडोनेशिया के लिए एक तीन-वर्षीय कार्यक्रम तैयार किया है । देश के पोल्ट्री में यह रोग महामारी का रूप ले चुका है और आमतौर पर लोग अपने घर के पिछवाड़े में चूजे पालते हैं । विश्व में बर्ड फ्लू से सबसे ज्यादा लोगों की मौतें इंडोनेशिया में हुई हैं ।
11 देशों के करीब 150 प्रतिनिधि इंडोनेशिया को बर्ड फ्लू पर नियंत्रण करने के उपायों में सुधार करने में मदद देने के लिए बाली में इकट्ठे हुए हैं ।
बर्ड और ह्यूमन इनफ्लूएंजा के लिए राष्ट्र संघ के वरिष्ठ समन्वयक डेविड नाबारो ने कहा है कि उनके दल ने इंडोनेशिया को बर्ड फ्लू के एच5एन1 विषाणुओं के प्रसार को रोकने में मदद देने के लिए तीन-वर्षीय योजना तैयार की है ।
उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती लोगों का चूजों के घनिष्ठ संपर्क में आना है, क्योंकि इंडोनेशिया में लोग अपने घरों में मुर्गियां पालते हैं ।
उन्होंने कहा कि 1.5 अरब पोल्ट्री बर्ड फ्लू के एक बेहद घातक रोग से पीड़ित है और यह एक बहुत बड़ा मुद्दा है, क्योंकि चूजों में बर्ड फ्लू फैलने से इंसानों को एच5एन1 विषाणु का संक्रमण होता है, जिससे महामारी फैलाने वाले विषाणु के पनपने का खतरा है । हमें इस पर पूरी तरह नियंत्रण में करने के लिए एक गहन नई मुहिम चलाने की जरूरत है और शायद इसमें दो से तीन साल का समय लगेगा ।
राष्ट्र संघ खाद्य एवं कृषि संगठन इंडोनेशिया में सामुदायिक कार्यक्रम स्थापित करने में मदद कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पक्षियों में विषाणु फैलने की खबर जितनी जल्दी संभव हो, दी जाए ।
इंडोनेशिया में बर्ड फ्लू के बारे में संगठन के वरिष्ठ सलाहकार जॉन वीवर का कहना है कि देश ने पिछले साल के दौरान इंसानों में संक्रमण की संख्या घटाने में कुछ सफलता हासिल की है ।
उन्होंने कहा कि रोग को नियंत्रित करने के लिए लोगों को बीमार पक्षियों से दूर रखना जरूरी है ।
इस विषाणु ने इंडोनेशिया के 33 प्रांतों में से 12 में पक्षियों या इंसानों को प्रभावित किया है ।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2003 में यह विषाणु फैलने के बाद दुनिया भर में 200 लोगों के मरने की पुष्टि की है, जिनमें से 85 मौतें अकेले इंडोनेशिया में हुई हैं ।