वायस औफ़ अमेरिका  ▪ Hindi
हमें सुने, सब कुछ जानें

केवल आलेख
खोजने के लिए यहां क्लिक करें

 
वैज्ञानिकों ने कहा, बर्ड फ्लू कई एशियाई, अफ्रीकी देशों में फैल रहा है

07/11/2007

birdflu_chickens_150
birdflu_chickens_150
एशिया और अफ्रीका के देशों को बर्ड फ्लू का प्रसार रोकने में बहुत सफलता मिली थी, लेकिन इस हफ्ते बैंकॉक में हो रही बैठक में विशेषज्ञों ने कहा है कि एच5एन1 विषाणु कई देशों में फैल रहा है ।

राष्ट्र संघ खाद्य एवं कृषि संगठन के विशेषज्ञों ने कहा है कि बर्ड फ्लू को अब भी पशुओं को होने वाला रोग माना जाता है और अभी तक कुछ इंसान ही पीड़ित हुए हैं, परंतु उनका कहना है कि इंसानों में महामारी फैलने का खतरा अब भी है, जिसमें लाखों लोगों की मौत हो सकती है ।

बर्ड फ्लू और मानव इनफ्लुएंजा के लिए राष्ट्र संघ के वरिष्ठ समन्वयक डॉ. डेविड नाबारो ने बुधवार को बैंकॉक में पत्रकारों को बताया कि हालांकि ज्यादातर देशों ने विषाणु के प्रसार पर रोक लगाने में प्रगति की है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में अब भी समस्या बनी हुई है ।

उन्होंने कहा कि पिछले तीन सालों में हमने देखा है कि देशों ने पोल्ट्री को टीके लगाने, पशु चिकित्सा सेवाओं में सुधार करने और जैव सुरक्षा में बहुत सारे संसाधन लगाए हैं ताकि पोल्ट्री में या जंगली पक्षियो में बर्ड फ्लू जारी रहने के खतरे को कम किया जा सके । हमने बहुत से देशों में देखा है कि इस पर नियंत्रण करने में अभूतपूर्व सफलता मिली है, लेकिन सब जगह नहीं मिली है । इस क्षेत्र में कुछ समस्याएं हैं ।

उन्होंने कहा कि एशिया के बांग्लादेश, इंडोनेशिया और वियतनाम में तथा अफ्रीका के मिस्र और नाइजीरिया में विषाणु का प्रसार जारी है ।

विशेषज्ञों ने कहा है कि जिन देशों ने अभी तक निर्यात उन्मुख पोल्ट्री उद्योग विकसित नहीं किया है, उन्हें इस रोग पर अंकुश लगाने में ज्यादा मुश्किल हो रही है ।

थाईलैंड की मिसाल देते हुए उन्होंने कहा कि उसे बर्ड फ्लू पर अंकुश लगाने में ज्यादा सफलता मिली, क्योंकि अपने पोल्ट्री निर्यातों की वजह से उसके पास पहले से ही पशु चिकित्सा प्रणाली मौजूद थी ।

कुछ देश बर्ड फ्लू के मामलों के नमूनों को देने में हिचक रहे हैं, जिससे एच5एन1 विषाणु के प्रसार पर रोक लगाने के प्रयास बाधित हो सकते हैं । इनमें से एक चीन है । डॉक्टर नाबारो ने कहा कि बीजिंग से आंकड़ों और सामग्रियों के बारे में ज्यादा खुलासा करने के लिए बातचीत जारी है, क्योंकि इससे वैज्ञानिकों को टीका बनाने में मदद मिल सकती है ।

विशेषज्ञों का कहना है कि बीजिंग को चिंता है कि चीन द्वारा दिये गए आंकड़ों या शोध से विकसित टीके के बौद्धिक संपदा अधिकार क्या होंगे । इसी कारण इंडोनेशिया भी नमूने देने में हिचक रहा है ।

कई देशों के प्रतिनिधि इस महीने के अंत में जिनेवा में इन चिंताओं के बारे में और सूचनाओं तथा नमूनों के आदान-प्रदान के लिए एक नया अंतर्राष्ट्रीय मानदंड बनाने के बारे में बातचीत करेंगे ।

बर्ड फ्लू का एच5एन1 विषाणु मुख्य रूप से पक्षियों को प्रभावित करता है और एशिया में ज्यादा फैला है, लेकिन यह यूरोप और अफ्रीका में भी पाया गया है । 1997 में हांगकांग में पाए जाने के बाद से एच5एन1 विषाणु के कारण 11 देशों के कम-से-कम 211 लोगों की मौत हो चुकी है । इस रोग के कारण लाखों मुर्गियां और पक्षी मर गए हैं या उन्हें मार दिया गया है ।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि अभी तक मिले सारे प्रमाणों से संकेत मिलता है कि बीमार या मृत पक्षियों के करीबी संपर्क में आने की वजह से इंसानों में संक्रमण फैलता है । वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल वे पशुओं में इस विषाणु को लेकर चिंतित हैं, लेकिन उन्हें डर है कि यह विषाणु परिवर्तित हो सकता है और इंसानों के बीच आसानी से संक्रमण फैला सकता है ।

 

emailme.gif यह आलेख ई मेल करें
printerfriendly.gif प्रिंट करने के पहले यहां देखें

  सबसे महत्वपूर्ण
तूफान से बेघर हुए बर्मा के हजारों लोगों का पलायन

  अन्य रिपोर्टें
पूर्वी क्षेत्र में सत्ताधारी पार्टी जीती- श्रीलंका सरकार
उत्तरी लेबनान में लड़ाई छिड़ी, बेरुत शांत
इराक में अमेरिकी फौजों के हाथों एक महिला, एक बच्चे और दो बंदूकधारी की मौत
बर्मा में तूफान के संकट के बावजूद संवैधानिक जनमत संग्रह कराया गया
राष्ट्र संघ ने पैसे की कमी के कारण इराकी शरणार्थियों के लिए सहायता बंद होने की चेतावनी दी
प्रणब मुखर्जी ने अमेरिकी विदेश मंत्री को परमाणु समझौते की कठिनाइयों की जानकारी दी
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने दाऊद का प्रत्यर्पण करने के भारत के अनुरोध पर विचार करने का आश्वासन दिया
विशेषज्ञों ने पाकिस्तान, अफगानिस्तान के बारे में अमेरिकी नीति पर चिंता जताई
प्रतिनिधि चुनते हैं राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार