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| Avian influenza A H5N1 viruses released from infected human cell |
भोपाल की उच्च सुरक्षा पशु रोग प्रयोगशाला ने आज पश्चिम बंगाल के तीन और जिलों- बांकुरा, नदिया और मालदा में बर्ड फ्लू के प्रसार की पुष्टि कर दी ।
प्रयोगशाला की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कल इन जिलों से जो नमूने मिले थे, उनमें अति संक्रामक बर्ड फ्लू पाया गया है ।
परंतु रिपोर्ट में कहा गया है कि हुगली, हावड़ा, वर्धमान, कोलकाता और दक्षिण 24 परगना से कल जो नमूने मिले थे, उनकी जांच से यह पुष्टि नहीं हुई । पश्चिमी मिदनापुर और बीरभूम जिलों से मिले नमूनों की जांच की जा रही है ।
पश्चिम बंगाल में बर्ड फ्लू फैलने के बाद भोपाल की प्रयोगशाला को 86 मृत पक्षी और कुछ अन्य नमूने मिले थे ।
झारखंड राज्य से भी कल भोपाल की प्रयोगशाला को 78 नमूने मिले थे, जो नकारात्मक पाए गए । रिपोर्ट में कहा गया है कि इन नमूनों को संरक्षित किया गया है और उनकी गहन जांच की जा रही है ।
प्रयोगशाला की रिपोर्ट के अनुसार, 12 जनवरी को पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर और बीरभूम से पाए गए नमूनों की गहन जांच के बाद 15 जनवरी को उनमें एच5एन1 विषाणु के मौजूद होने की पुष्टि हुई । इसी प्रकार 17 जनवरी को मुर्शिदाबाद से मिले नमूनों में भी 18 जनवरी को विषाणु की पुष्टि हो गई थी । नदिया और वर्धमान से मिले नमूनों में भी घातक विषाणु पाया गया है ।
उधर तमिलनाडु के एक शहर में कुछ चूजों के मृत पाए जाने के बाद बर्ड फ्लू की आशंका फैल गई, हालांकि अधिकारियों ने इसे खारिज कर दिया ।
कल कांचिपुरम में एक कब्रिस्तान के पास करीब एक दर्जन मुर्गियां एक बोरे में मृत पाई गई थीं, जिससे यह आशंका पैदा हो गई थी कि इनकी बर्ड फ्लू के कारण मौत हुई होगी ।
परंतु पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. दोराईराज के अनुसार, इन मुर्गियों का पोस्टमार्टम विभाग की पशु रोग खुफिया इकाई की प्रयोगशाला में करने पर यह साबित हो गया कि ये बर्ड फ्लू से नहीं, बल्कि एक अन्य फफूंद के संक्रमण से मरी थीं, जो आम है ।