 |
| birdflu_chickens_ |
नई दिल्ली से प्राप्त एजेंसी समाचारों में बताया गया है कि केंद्र सरकार ने आज पश्चिम बंगाल में बर्ड फ्लू की महामारी का जायजा लिया । इसके बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिये हैं कि वे इस रोग के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाएं ।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में बर्ड फ्लू का मसला विषय सूची में नहीं था, लेकिन केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने मंत्रिमंडल को बर्ड फ्लू की स्थिति से अवगत कराया ।
बाद में सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने पत्रकारों को बताया कि प्रधानमंत्री ने मुझे बर्ड फ्लू के हालात का व्यापक स्तर पर प्रचार करने को कहा है । इसलिए हम तत्काल जागरूकता अभियान शुरू कर रहे हैं । उन्होंने बताया कि चूंकि ज्यादातर गांवों में टेलीविजन की सुविधा नहीं है, इसलिए यह अभियान ऑल इंडिया रेडियो पर चलाया जा रहा है । श्री दासमुंशी का यह भी कहना था कि पश्चिम बंगाल सरकार ने बर्ड फ्लू रोग भड़कने की जानकारी विलंब से दी है । अगर सूचना पहले मिल गई होती तो इस रोग के फैलाव को नियंत्रित करने कि लिए समय पर संयुक्त पहल की जा सकती थी । पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में 4 जनवरी को बर्ड फ्लू की बात सुनने में आई, जबकि राज्य सरकार ने 11 जनवरी को केंद्र सरकार को इसकी सूचना दी । इशके कारण रोगग्रस्त मुर्गियों को मारने के काम में भी थोड़ी देरी हो गई ।
उनके अनुसार, राज्य के मुख्य सचिव ने केंद्र को बताया है कि फिलहाल हालात का मुकाबला करने के लिए दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की कोई कमी नहीं है ।
उधर मेघालय में बर्ड फ्लू के फैलने की आशंका को ध्यान में रखते हुए शिलोंग में केंद्रीय पशुपालन और स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों की एक टीम ने राज्य के पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से विचार-विमर्श किया ताकि यह पता लगाया जा सके कि एहतियात के तौर पर क्या कदम उठाए जा रहे हैं ।
यह टीम असम और बांग्लादेश की सीमा से लगने वाले इलाकों का भी बाद में दौरा करेगी ।
मेघालय के पशुपालन और पशु चिकित्सा विभाग ने इस रोग के निदान और उसका पता लगाने संबंधी शाखा के साथ जनतिया हिल्स में भी एक बैठक का आयोजन किया ताकि पश्चिम बंगाल और बिहार के बाद इस राज्य में बर्ड फ्लू की रोकथाम के उपाय किये जा सकें । राज्य सरकार ने हाई अलर्ट का निर्देश दिया है और लोगों को इस रोग से खबरदार करने के लिए व्यापक जागृति अभियान शुरू किया है ।