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| Chickens stroll on road as health officials in bird flu protective suit stand at Majharipara village, Margram, north of Calcutta, India, |
पश्चिम बंगाल के दो और जिलों, पुरुलिया और हावड़ा में बर्ड फ्लू फैलने से राजधानी कोलकाता के प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है । अब यह रोग राज्य के आधे से ज्यादा हिस्से में फैल चुका है ।
पक्षियों को मारने वाली विशेषज्ञ टीमों को बहुत सारे स्थानों पर पुलिस के साथ जाना पड़ा, क्योंकि बहुत से ग्रामीण अपनी जीविका खोने के डर से अपने पक्षियों को मारने का विरोध कर रहे हैं ।
आज नई दिल्ली में जारी एक अधिकृत बयान में कहा गया है कि भोपाल की उच्च सुरक्षा पशु रोग प्रयोगशाला में पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के संक्रेल प्रखंड में और पुरुलिया जिले के संतूरी प्रखंड के नमूनों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो गई है ।
बर्ड फ्लू का विषाणु राज्य के 19 में से 11 जिलों में फैल चुका है । बर्ड फ्लू से प्रभावित जिले हैं- बीरभूम, दक्षिण दिनाजपुर, बर्दवान, मुर्शिदाबाद, नदिया, मालदा, बांकुरा, कूच बिहार, हुगली, पुरुलिया और हावड़ा ।
राज्य की राजधानी कोलकाता में अधिकृत सूत्रों ने बताया कि 9 प्रभावित जिलों में कम-से-कम 10 लाख चूजों को मारा जा चुका है, जबकि 24 जनवरी तक 1.46 लाख अंडे नष्ट किये जा चुके थे ।
आज कम-से-कम 901 विशेषज्ञ टीमों को पक्षियों को मारने और निरीक्षण करने के अभियानों के लिए तैनात किया गया ।
पश्चिम बंगाल में बर्ड फ्लू के प्रसार के मद्देनजर वन्य जीवन विभाग ने केरल में भी बर्ड फ्लू अलर्ट जारी कर दिया है, क्योंकि यह अन्य राज्यों से आने वाले पोल्ट्री उत्पादों का एक बड़ा उपभोक्ता है ।
आज राजधानी तिरुवनंतपुरम में मुख्य वन्य जीवन वार्डन वी.एस वर्गीज ने लोंगों से कहा कि किसी पक्षी की असाधारण मौत होने की खबर वे तुरंत वन्य जीवन या पशुपालन विभाग को दें ।
उन्होंने कहा कि हालांकि राज्य में कहीं भी बर्ड फ्लू का मामला नहीं पाया गया है, लेकिन उनके विभाग के अधिकारी नजर रख रहे हैं, क्योंकि इस मौसम में सुदूर क्षेत्रों से प्रवासी पक्षी आते हैं । इसके अतिरिक्त, राज्य में ज्यादातर पोल्ट्री उत्पाद पड़ोसी राज्यों से आते हैं । वन विभाग के अधिकारी किसी पक्षी की असाधारण मौत की जानकारी मिलने पर पशुपालन विभाग की मदद लेंगे ।