(वी.ओ.ए न्यूज़)
आज पश्चिम बंगाल के पर्यटन स्थल दार्जिलिंग में कुछ चूजों के मरने से बर्ड फ्लू की दहशत फैल गई, जबकि उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में इस आशंका के चलते 2,500 पक्षियों को मार दिया गया है ।
केंद्र सरकार ने कहा है कि वह बर्ड फ्लू की दवाइयों और अन्य एहतियाती उपकरणों के लिए अमेरिका से मदद लेने की संभावना पर विचार करेगी ।
उधर पश्चिम बंगाल के पशु संसाधन विकास मंत्री अनिसुर रहमान ने कहा है कि चूंकि हर रोज बर्ड फ्लू का दायरा बढ़ रहा है, इसलिए यह कहना संभव नहीं है कि राज्य में कितने चूजों को मारना पड़ेगा, परंतु उन्होंने कहा कि मानवीय संक्रमण का कोई मामला नहीं है
कल पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से लगे नॉर्थ 28 परगना जिले में करीब 4,000 चूजों के मरने के बाद मंत्रालय ने चूजों को मारने का लक्ष्य बढ़ा कर 27 लाख कर दिया था ।
हालांकि राज्य सरकार बार-बार यह आश्वासन दे रही है कि बर्ड फ्लू नियंत्रण में है, पर लगता है कि यह रोग कोलकाता की तरफ बढ़ रहा है, क्योंकि पिछले तीन दिनों में शहर से 5 किमी दूर महेसताल नगरपालिका क्षेत्र में एक पोल्ट्री में 500 चूजों की मौत हो गई और संदेह है कि इसका कारण बर्ड फ्लू है ।
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में जिन चूजों को मारा गया, वे पश्चिम बंगाल के बर्दवान जिले से भेजे गए थे और कल वाराणसी पहुंचे थे । अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है और अधिकारियों को सावधान कर दिया गया है ।
दार्जिलिंग के मजिस्ट्रेट राजेश पांडे ने कल रात उत्तर बंगाल के ताकदाह गांव में 38 चूजों के मरने की जानकारी दी है । उनके खून के नमूने परीक्षण के लिए भेजे जा रहे हैं और जांच के परिणाम मिलने के बाद प्रशासन इस बारे में कदम उठाएगा ।
उधर विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि अगर बर्ड फ्लू की महामारी रोकने के लिए कोई नई दवाई या उपकरण या रसायन उपलब्ध हैं तो भारत को अमेरिका की सहायता की जरूरत पड़ेगी ।
उधर केंद्र सरकार ने हरियाणा के पोल्ट्री फार्म में कई सौ चूजों के मरने की जानकारी मिलने के बाद राज्य सरकार से मृत पक्षियों के नमूनों को बर्ड फ्लू विषाणु की जांच के लिए भेजने के लिए कहा है ।
केंद्रीय पशुपालन मंत्रालय के सचिव प्रदीप कुमार ने आज नई दिल्ली में पत्रकारों को बताया कि हरियाणा सरकार ने जींद जिले के एक पोल्ट्री फार्म में कई सौ पक्षियों के मरने की जानकारी दी है । हालांकि राज्य सरकार ने वहां के कृषि विश्वविद्यालय में नमूनों की जांच कराई है, जिससे पता चला है कि उनमें बर्ड फ्लू का विषाणु नहीं पाया गया, लेकिन फिर भी हमने इसकी और अधिक जांच के लिए ये नमूने भोपाल की विशेष प्रयोगशाला में भेजने के लिए कहा है ।
हरियाणा सरकार के अनुसार, इन चूजों की मौत ई कोली नामक बैक्टीरिया के संक्रमण से हुई है ।