(संवाददाता, वी.ओ.ए न्यूज़)
पाकिस्तान के दूसरे सबसे बड़े शहर लाहौर में दो बम-विस्फोटों में कम-से-कम 24 लोग मारे गए और करीब 200 घायल हो गए । एक विस्फोट पाकिस्तान की खुफिया पुलिस एजेंसी, फेडरल इनवेस्टिगेशन एजेंसी, एफआईए के मुख्यालय में हुआ, जिसमें कर्मचारी काम कर रहे थे ।
एफआईए की लाहौर स्थित बहुमंजिली इमारत में सुबह का काम शुरू होने के कुछ ही देर बाद शक्तिशाली बम-विस्फोट हुआ, जिसमें बहुत से कर्मचारी मारे गए । कुछ किमी दूर रहने वाले निवासियों ने बताया कि विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इससे उनके घरों की खिड़कियां टूट गईं और दीवारें हिलने लगीं । शहर के पुलिस अध्यक्ष मलिक मोहम्मद इकबाल ने घटनास्थल पर पत्रकारों को बताया कि यह निस्संदेह आतंकवादी हमला था ।
"यह आत्मघाती हमला था, क्योंकि विस्फोटकों से भरा एक वाहन जबर्दस्ती एफआईए के मुख्यालय में घुस गया । यह मुख्य भवन के पास फट गया ।"
बचे हुए स्तब्ध कर्मचारियों को, जिनमें से कुछ के कपड़े फट गए थे, मलबे के पास खड़े हुए देखा जा सकता था और वे बचाव कार्यकर्ताओं को अपने सहकर्मियों के शव निकालते हुए देख रहे थे ।
लगभग इसी समय यहां से करीब 15 किमी दूर एक महंगे आवासीय क्षेत्र में एक और विस्फोट हुआ, जिसमें कम-से-कम 4 लोग मारे गए । इनमें दो बच्चे थे । इस विस्फोट में एक मकान नष्ट हो गया, जिसे एक मझौले आकार की एडवरटाइजिंग एजेंसी ने किराए पर लिया हुआ था, जिसके ग्राहक बहुराष्ट्रीय निगम हैं । एसबीएंडबी एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें यह पता नहीं है कि उनकी कंपनी को क्यों निशाना बनाया गया और हो सकता है कि गलतफहमी की वजह से ऐसा हुआ हो ।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, इस मकान से लगा हुआ अगला घर एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश का है, जिसका बेटा पुलिस अधिकारी है । प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक वैन इस बंगले के गलियारे में गई और उसमें विस्फोट हो गया, जिससे घर ढह गया ।
पंजाब की प्रांतीय सरकार ने दोनों हमलों के लिए आत्मघाती हमलावरों को दोषी ठहराया है, जिन्होंने इस काम को अंजाम देने के लिए विस्फोटकों से भरे वाहनों का इस्तेमाल किया ।
लाहौर में मंगलवार की सुबह हुए दो विस्फोटों से एक हफ्ते पहले ही एक नौसैनिक कॉलेज में दो आत्मघाती बम-विस्फोट हुए थे, जिनमें कम-से-कम 5 लोगों की मौत हो गई थी । पुलिस अध्यक्ष इकबाल ने कहा है कि इन हमलों से आत्मघाती हमलावरों से मुकाबला करने का उनका संकल्प नहीं डगमगाएगा । उन्होंने कहा कि हम समर्पण नहीं करेंगे । हम सुरक्षा इंतजाम और कड़े कर देंगे ताकि इस तरह की घटनाएं न हों ।
18 फरवरी को हुए राष्ट्रीय चुनावों के बाद छह बम-विस्फोट हो चुके हैं । पाकिस्तान की दो सबसे बड़ी विपक्षी पार्टियां नई सरकार बनाने की कोशिश कर रही हैं, जो राष्ट्रपति और पूर्व जनरल परवेज़ मुशर्रफ को हटाने के जनता के दबाव का सामना करेगी । श्री मुशर्रफ आतंकवाद-विरोधी अभियान में अमेरिका के घनिष्ठ सहयोगी हैं । लाहौर में हुए विस्फोटों के कुछ घंटे बाद श्री मुशर्रफ ने अगले सोमवार को इस्लामाबाद में नई राष्ट्रीय असेंबली का गठन करने के लिए कहा ।
राष्ट्रपति ने नवीनतम बम-विस्फोटों की कड़ी निंदा करते हुए उन्हें बर्बर कार्रवाई बताया, जिससे सरकार के आतंकवाद से पूरी ताकत से लड़ने के संकल्प को खत्म नहीं किया जा सकेगा ।
मंगलवार को हुए विस्फोटों के बाद पाकिस्तान के क्रिकेट बोर्ड ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने सुरक्षा कारणों की वजह से देश का अगला दौर रद्द कर दिया है ।