वायस औफ़ अमेरिका  ▪ Hindi
हमें सुने, सब कुछ जानें

केवल आलेख
खोजने के लिए यहां क्लिक करें

नेपाल चीन की ओलंपिक मशाल की चढ़ाई के दौरान अपनी ओर के हिमालय को बंद कर देगा

14/03/2008

(संवाददाता, वी.ओ.ए न्यूज़)

नेपाल सरकार ने ऐलान किया है कि वह मई के शुरू में चीन की ओलंपिक मशाल दौड़ के दौरान हिमालय पर्वत के अपनी तरफ के रास्ते बंद कर देगा । इस समाचार से वे पर्वतारोही नाराज हैं, जो कुछ ही हफ्तों में अपना अभियान शुरू करने वाले थे ।

 

कई दिनों के कयासों के बाद नेपाल के पर्यटन मंत्री ने पुष्टि कर दी है कि 1 से 10 मई के बीच हिमालय पर्वत का दक्षिणी हिस्सा बंद कर दिया जाएगा ताकि चीन की ओलंपिक मशाल की शिखर तक दौड़ के लिए रास्ता साफ रहे ।

 

विश्व का यह सबसे ऊंचा पर्वत दोनों देशों की सीमा पर स्थित है और हर साल पर्वतारोही इसके शिखर पर किसी भी ओर से चढ़ने के लिए हजारों डॉलर देते हैं ।

 

चीन सरकार ने पिछले महीने नेपाल से गुप्त रूप से दक्षिणी मार्ग बंद करने के लिए कहा था । यह घोषणा उस समय की गई है, जब ल्हासा के मठों में प्रदर्शन बढ़ रहे हैं ।

 

चीन का कहना है कि वह ज्यादा भीड़-भाड़ और पर्यावरण को होने वाले नुकसान को लेकर चिंतित है, लेकिन पर्यवेक्षकों का कहना है कि चीन सरकार शायद मशाल दौड़ के दौरान तिब्बत-समर्थक प्रदर्शनों से डरती है ।

 

पर्वतारोहियों ने हिमालय की चढ़ाई शुरू करने से केवल तीन हफ्ते पहले यह घोषणा किये जाने की आलोचना की है ।

 

पेंबा दोरजी शेरपा ने हिमालय पर्वत पर तेजी से चढ़ने का रिकॉर्ड बनाया है । उनका कहना है कि चीन की ओर से मशाल दौड़ आयोजित करने से नेपाल के पर्वतारोहण मौसम में कोई बाधा नहीं पड़नी चाहिए ।

 

शेरपा ने कहा कि नेपाल को इसकी परवाह नहीं होनी चाहिए, क्योंकि चीन ओलंपिक खेलों की वजह से अपना मार्ग बंद कर रहा है और इसका असर नेपाल पर नहीं पड़ना  चाहिए । उन्होंने कहा कि नेपाल को चीनी कारण से अपने चढ़ाई के मार्ग बंद नहीं करने चाहिए ।

 

8,848 मीटर ऊंचे शिखर पर चढ़ने का सर्वोत्तम समय मई के मध्य से लेकर अंत तक होता है, लेकिन पर्वतारोहियों को इसके अनुकूल बनने के लिए कई हफ्ते पर्वत पर बिताने पड़ते हैं । इसके अतिरिक्त उनका मार्गदर्शन करने वाले विशेष गाइड अगले हफ्ते इन पर्वतारोहियों के लिए रस्सियां और सीढ़ियां बिछाने वाले थे, क्योंकि इसके लिए पर्वतारोही उन्हें पैसा देते हैं ।

 

पिछले साल मशाल दौड़ के पूर्वाभ्यास में तिब्बत-समर्थक कार्यकर्ताओं ने बाधा डाली थी, जिन्होंने झंडा फहराया था और भाषण दिये थे, लेकिन उसके तुरंत बाद उन्हें चीनी अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया था ।

emailme.gif यह आलेख ई मेल करें
printerfriendly.gif प्रिंट करने के पहले यहां देखें

  सबसे महत्वपूर्ण
प्रधानमंत्री सोमवार से ५ दिनों के विदेश दौरे पर

  अन्य रिपोर्टें
मध्य भारत में  माओवादियों द्वारा २६ पुलिस अधिकारियों की ह्त्या
नई दिल्ली में पुल ढहने से पांच लोगों की मृत्यु
पुल ढहने के बाद दिल्ली के मेट्रो प्रमुख ने त्यागपत्र दिया
दक्षिणी अफ़गानिस्तान में चार अमरीकी सैनिकों की मौत
अमरीकी राष्ट्रपति  ओबामा की योरोपीय, अफ्रीकी दौरे से स्वदेश वापसी
अमरीका में गोपनीयता बनाए रखने के तरीक़ों को लेकर और मतभेद
उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान में घात लगा कर किए गए हमले में छह व्यक्ति मारे गए
इराक़ में अमरीकी सेना द्वारा पकड़े पांच ईरानी अधिकारियों की ईरान वापसी
इस्राइल के प्रधानमंत्री का फिलिस्तीनी राष्ट्रपति से शांती वार्ताएं पुनः शरू करने का आग्रह
भूतपूर्व दास केन्द्र के दौरे के साथ राष्ट्रपति ओबामा की घना यात्रा का समापन
घना में दिए अपने भाषण में राष्ट्रपति ओबामा ने अफ़्रीका के प्रति नीति को रेखांकित किया
राष्ट्रपति ओबामा, अमरीकी अर्थ व्यवस्था के बारे में सावधानी पूर्वक आशावान
मुंबई हमलावरों का मुक़द्दमा अगले सप्ताह शुरूः पाकिस्तान
भारतीय पुलिस पर कश्मीर में हुईं मौतों के प्रमाण दबाने के आरोप
भारत में देसी शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़ कर 122 तक पहुंची
चीन के भूकंप ग्रस्त क्षेत्र में सप्लाईयाँ पहुंचाने में शीघ्रता
इराक़ में शिया विधायकों ने ब्रितानी सैनिकों की मौजूदगी का विरोध किया
ईरान का जी-८ की अवस्थिति को ज्यादा महत्व नहीं
समझौता एक्सप्रेस कार्यक्रम जुलाई ८ २००९    Video clip available