(संवाददाता, वी.ओ.ए न्यूज़)
एक अमेरिकी दूत ने मध्य-पूर्व में एक नए शांति मिशन की शुरुआत की है । उसने इस्राइल और फिलिस्तीनियों, दोनों की आलोचना की है ।
सेवानिवृत्त अमेरिकी जनरल विलियम फ्रेजर ने येरुशलम के एक होटल में इस्राइली और फिलिस्तीनी अधिकारियों के साथ पहली बार बैठक की । राष्ट्रपति बुश ने श्री फ्रेजर को अंतर्राष्ट्रीय-समर्थित ‘रोड मैप’ शांति योजना के पालन का निरीक्षण करने के लिए नियुक्त किया है । यह रोड मैप फिलिस्तीनी राष्ट्र बनाने की वार्ता का आधार है ।
बातचीत में फिलिस्तीनियों का प्रतिनिधित्व प्रधानमंत्री सलाम फय्याद ने किया, लेकिन इस्राइल ने रक्षा मंत्रालय के एक छोटे स्तर के अधिकारी आमोस गिलाड को भेजा ।
श्री गिलाड ने इस्राइल रेडियो को बताया कि बैठक का उद्देश्य वार्ता और शांति प्रक्रिया को बढ़ावा देना था । उन्होंने मीडिया की इन खबरों का खंडन किया कि रक्षा मंत्री एहुद बराक ने बातचीत में इसलिए भाग नहीं लिया, क्योंकि रोड मैप को लेकर अमेरिका के साथ तनाव चल रहा है ।
अमेरिका ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि यह बैठक उन मुद्दों पर केंद्रित थी, जहां पार्टियां अपने वायदे पूरे नहीं कर रही हैं । उसने इसका खुलासा नहीं किया, लेकिन पूर्वी येरुशलम और पश्चिमी तट में इस्राइली बस्तियों के निर्माण को रोड मैप का उल्लंघन बताया, जिससे शांति प्रयासों को नुकसान हो रहा है ।
अमेरिका ने फिलिस्तीनियों पर भी रोड मैप की प्रतिबद्धताओं का पालन करने और उग्रवादी संगठनों पर अंकुश लगाने के लिए दबाव डाला ।
फिलिस्तीनी विश्लेषक वाडिया अबू नासिर का मानना है कि यह आलोचना अनुचित है, क्योंकि इस्राइली सेना ने प्रतिबंध लगाए हुए हैं । उन्होंने कहा कि फिलिस्तीनी अथॉरिटी अधिकतम संभव प्रयास कर रही है । पर यह सब जानते हैं कि पश्चिमी तट में वास्तविक शासन इस्राइली सेना का है ।
इस्राइल ने बस्तियों का निर्माण रोकने की अमेरिकी और फिलिस्तीनी मांगों को ठुकरा दिया है । उसका कहना है कि उसे येरुशलम और पश्चिमी तट में बस्तियां बनाने का अधिकार है, क्योंकि फिलिस्तीनियों के साथ अंतिम शांति समझौते में ये इस्राइल के हिस्से बने रहेंगे ।