(वी.ओ.ए न्यूज़)
तिब्बत पर सर्वदलीय भारतीय संसदीय मंच ने कहा है कि तिब्बत के मुद्दे पर भारत की प्रतिक्रिया आवश्यकता से अधिक सतर्कतापूर्ण रही है । उसने मांग की है कि सरकार इस मामले में ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाए ।
अरुणाचल प्रदेश से लोकसभा सांसद किरेन रिजीजू ने आज नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अभी तक इस मामले में भारत सरकार की भूमिका बहुत अधिक सतर्कता बरतने की रही है । भारत लोकतांत्रिक देश है और हमें इस मामले में ज्यादा जिम्मेदार तरीके से व्यवहार करना चाहिए और तिब्बत में चीन सरकार द्वारा किये जा रहे अमानवीय दमन के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को एकजुट करना चाहिए ।
सांसदों का कहना है कि लोकतांत्रिक देश होने के नाते भारत को मानवाधिकार के मामलों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और चीन सरकार पर तिब्बतियों के धार्मिक नेता दलाई लामा से शांतिपूर्ण बातचीत करने का दबाव डालना चाहिए । उन्होंने भारत सरकार से यह अनुरोध भी किया कि वह तिब्बतियों को तिब्बत तक शांतिपूर्ण मार्च करने की अनुमति दे ।
संसदीय मंच के सदस्यों ने इस बारे में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखा है और वह उनसे तथा संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी से कल मुलाकात करके यह अनुरोध करना चाहते हैं कि भारत की ओर से ज्यादा सक्रिय प्रतिक्रिया दी जाए । उधर राजधानी में चीनी दूतावास पर धावा बोलने की कोशिश कर रहे करीब 60 तिब्बतियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया । एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ये प्रदर्शनकारी चीन-विरोधी नारे लगा रहे थे और उन्होंने चाणक्यपुरी में स्थित चीनी दूतावास में घुसने की कोशिश की । पुलिस ने उन्हें दूतावास के परिसर में घुसने से रोका और उनमें से 60 को एहतियाती तौर पर हिरासत में ले लिया ।
भारत में रह रहे तिब्बती तिब्बत में हो रहे चीन-विरोधी प्रदर्शनों से एकजुटता जताने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसके कारण दूतावास में और उसके आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है । दूतावास के चारों ओर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है । दूतावास के आसपास कुछ सड़कों पर यातायात भी रोक दिया गया है ।