वायस औफ़ अमेरिका  ▪ Hindi
हमें सुने, सब कुछ जानें

केवल आलेख
खोजने के लिए यहां क्लिक करें

दलाई लामा ने तिब्बत के प्रदर्शनों की अंतर्राष्ट्रीय जांच की मांग की

17/03/2008

(संवाददाता, वी.ओ.ए न्यूज़)

西藏流亡精神领袖达赖喇嘛
तिब्बत के निर्वासित धार्मिक नेता दलाई लामा और भारत में स्थित उनके प्रशासन ने तिब्बत में हो रहे प्रदर्शनों की स्वतंत्र अंतर्राष्ट्रीय जांच कराने की मांग की है ।

 

तिब्बत की निर्वासित सरकार, जो उत्तर भारत के धर्मशाला शहर से काम करती है, ने कहा है कि वह चाहती है कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और राष्ट्र संघ यह देखने के लिए अपने प्रतिनिधि तिब्बत भेजे कि उस क्षेत्र में प्रदर्शन क्यों और कैसे भड़के ।

 

बीजिंग ने कहा है कि तिब्बत में हिंसा दलाई लामा के समर्थकों ने भड़काई है । निर्वासन में तिब्बत सरकार के प्रवक्ता थुबटेन साम्फेल ने इसका खंडन किया है । उन्होंने कहा कि चीन सरकार ने दलाई लामा पर प्रदर्शनों की साजिश करने का आरोप लगाया है । इसलिए धर्मगुरू ने कहा है कि राष्ट्र संघ की किसी समिति को तिब्बत की यात्रा करके सच्चाई का पता लगाना चाहिए कि क्या ये आंदोलन बाहर से भड़काए गए थे और तिब्बती लोगों की वास्तविक चिंताएं क्या हैं ।

 

निर्वासित तिब्बती सरकार का कहना है कि तिब्बत से मिली जानकारी के अनुसार, ल्हासा और आसपास के क्षेत्रों में हाल में हुए आंदोलनों में करीब 80 लोग मारे गए हैं । चीन का कहना है कि हिंसा में मरने वालों की संख्या इससे बहुत कम है ।

 

दलाई लामा ने, जो चीनी शासन के खिलाफ आंदोलन असफल होने के बाद 1959 में तिब्बत से भाग आए थे, तिब्बत में हो रहे प्रदर्शनों को जन-आंदोलन के समान बताया है । वह लंबे समय से अहिंसा और तिब्बत के लिए स्वायत्तता हासिल करने के लिए चीनी अधिकारियों से बातचीत करने के पक्ष में रहे हैं ।

 

हाल ही में हुए प्रदर्शनों के बाद रविवार को उन्होंने कहा कि वह इस रास्ते पर चलने के लिए प्रतिबद्ध हैं, पर इसके साथ ही दलाई लामा ने कहा कि वह प्रदर्शनों को रोकने का आदेश नहीं देंगे ।

 

उधर भारत और नेपाल में निर्वासित तिब्बती समुदायों ने सोमवार को और अधिक प्रदर्शन आयोजित किये । नई दिल्ली में उन्होंने राष्ट्र संघ के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया । काठमांडू में राष्ट्र संघ के मुख्य कार्यालय के पास एकत्र प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई ।

 

तिब्बत के बाहर हो रहे प्रदर्शन तिब्बती निर्वासितों ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान चीन द्वारा इस क्षेत्र में किये जा रहे गंभीर मानवाधिकार हनन की ओर आकर्षित करने के लिए किये हैं ।

 

बीजिंग का 1951 से तिब्बत पर नियंत्रण है और उसने वहां दमन के आरोपों का खंडन किया है ।

 

 

 

 

 

 

emailme.gif यह आलेख ई मेल करें
printerfriendly.gif प्रिंट करने के पहले यहां देखें

  सबसे महत्वपूर्ण
प्रधानमंत्री सोमवार से ५ दिनों के विदेश दौरे पर

  अन्य रिपोर्टें
मध्य भारत में  माओवादियों द्वारा २६ पुलिस अधिकारियों की ह्त्या
नई दिल्ली में पुल ढहने से पांच लोगों की मृत्यु
पुल ढहने के बाद दिल्ली के मेट्रो प्रमुख ने त्यागपत्र दिया
दक्षिणी अफ़गानिस्तान में चार अमरीकी सैनिकों की मौत
अमरीकी राष्ट्रपति  ओबामा की योरोपीय, अफ्रीकी दौरे से स्वदेश वापसी
अमरीका में गोपनीयता बनाए रखने के तरीक़ों को लेकर और मतभेद
उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान में घात लगा कर किए गए हमले में छह व्यक्ति मारे गए
इराक़ में अमरीकी सेना द्वारा पकड़े पांच ईरानी अधिकारियों की ईरान वापसी
इस्राइल के प्रधानमंत्री का फिलिस्तीनी राष्ट्रपति से शांती वार्ताएं पुनः शरू करने का आग्रह
भूतपूर्व दास केन्द्र के दौरे के साथ राष्ट्रपति ओबामा की घना यात्रा का समापन
घना में दिए अपने भाषण में राष्ट्रपति ओबामा ने अफ़्रीका के प्रति नीति को रेखांकित किया
राष्ट्रपति ओबामा, अमरीकी अर्थ व्यवस्था के बारे में सावधानी पूर्वक आशावान
मुंबई हमलावरों का मुक़द्दमा अगले सप्ताह शुरूः पाकिस्तान
भारतीय पुलिस पर कश्मीर में हुईं मौतों के प्रमाण दबाने के आरोप
भारत में देसी शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़ कर 122 तक पहुंची
चीन के भूकंप ग्रस्त क्षेत्र में सप्लाईयाँ पहुंचाने में शीघ्रता
इराक़ में शिया विधायकों ने ब्रितानी सैनिकों की मौजूदगी का विरोध किया
ईरान का जी-८ की अवस्थिति को ज्यादा महत्व नहीं
समझौता एक्सप्रेस कार्यक्रम जुलाई ८ २००९    Video clip available