(संवाददाता, वी.ओ.ए न्यूज़)
तिब्बत के निर्वासित धार्मिक नेता दलाई लामा ने कहा है कि वह तिब्बत के संकट पर चीन के उच्च नेताओं से बातचीत करने के लिए तैयार हैं । उनकी भारत स्थित निर्वासित सरकार का कहना है कि इस क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है ।
दलाई लामा ने कहा है कि वह चीनी राष्ट्रपति हू जिनताओ से मिलने के लिए चीन जाने के लिए तैयार हैं, बशर्ते इसके ठोस संकेत हों कि बीजिंग तिब्बत पर बातचीत करने का इच्छुक है ।
वह उत्तर भारतीय शहर धर्मशाला में बोल रहे थे, जहां उनकी निर्वासित सरकार स्थित है
बुधवार को उन्होंने विश्व के नेताओं से तिब्बत पर बातचीत करने के लिए चीन पर दबाव डालने के लिए कहा । परंतु उन्होंने स्वीकार किया कि जब तक इस क्षेत्र में प्रदर्शन बंद नहीं होते, तब तक चीन से बातचीत करने की संभावना व्यावहारिक नहीं है ।
तिब्बत में बौद्ध भिक्षुओं द्वारा किये जा रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन पिछले हफ्ते हिंसक हो गए थे, जिसके बाद चीनी अधिकारियों ने इस सुदूर पर्वतीय क्षेत्र में दमन शुरू किया ।
मानवाधिकार संगठनों और निर्वासित तिब्बती समुदाय ने चीनी अधिकारियों पर व्यापक दमन का आरोप लगाया है और कहा है कि चीनी शासन के खिलाफ गहरी नाराजगी है ।
निर्वासित तिब्बती सरकार के प्रधानमंत्री सामदोंग रिनपोछे ने कहा कि चीन सरकार अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा तिब्बत में संकट को संयम के साथ निपटाने की मांगों पर प्रतिक्रिया नहीं दे रही है ।
श्री रिनपोछे ने कहा कि हमारी समस्या यह है कि चीनी अधिकारी अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की आवाज के प्रति संवेदनशील नहीं हैं । मुझे आशा है कि अब अंतर्राष्ट्रीय संगठन, सरकारें और संस्थाएं तिब्बत में जारी हिंसा को बंद कराने के लिए सकारात्मक तथा कारगर कदम उठाएंगी ।
मंगलवार को चीनी प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने कहा था कि बीजिंग दलाई लामा के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है, बशर्ते वह तिब्बत की स्वतंत्रता का अभियान बंद कर दें । बीजिंग ने उन पर तिब्बत में असंतोष भड़काने का आरोप लगाया है, लेकिन दलाई लामा ने इसका कड़ा प्रतिवाद किया है ।
दलाई लामा ने कहा है कि उन्हें डर है कि तिब्बत में बहुत सारी मौतें हो सकती हैं । उन्होंने कहा कि बहुत से स्थानों को अलग-थलग कर दिया गया है ।
निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री रिनपोछे ने कहा है कि भारत में स्थित निर्वासित समुदाय द्वारा सुदूर हिमालयी क्षेत्र से जुटाई गई जानकारी के अनुसार, तिब्बत में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है ।
उन्होंने कहा कि ल्हासा की वर्तमान स्थिति बहुत गंभीर है और रविवार रात से 800 से ज्यादा लोग गिरफ्तार किये जा चुके हैं और वहां से ले जाए गए हैं । लोगों को हवाई जहाज द्वारा और सड़क के रास्ते अज्ञात ठिकानों पर ले जाया गया है । स्थिति बहुत तनावपूर्ण है ।
दलाई लामा ने तिब्बत को ज्यादा स्वतंत्रता दिलाने के लिए अहिंसक अभियान शुरू किया है और कहा है कि इसकी असाधारण संस्कृति और परंपरा की रक्षा की जानी जरूरी है । चीन ने 1951 से तिब्बत पर कब्जा किया हुआ है ।