वायस औफ़ अमेरिका  ▪ Hindi
हमें सुने, सब कुछ जानें

केवल आलेख
खोजने के लिए यहां क्लिक करें

अमेरिकी उप राष्ट्रपति ने अफगानिस्तान में ज्यादा नाटो सहायता की मांग की

20/03/2008

(संवाददाता, वी.ओ.ए न्यूज़)

तालिबान के फिर से उभरने और अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था के बारे में बढ़ती हुई चिंता की वजह से अमेरिकी उप राष्ट्रपति ने अचानक अफगानिस्तान की यात्रा की । इस्लामाबाद से वी.ओ.ए संवाददाता स्टीव हर्मन ने खबर दी है कि श्री डिक चेनी ने कहा है कि अफगानिस्तान के भविष्य के लिए यहां नाटो फौजों का मौजूद रहना जरूरी है ।

 

काबुल की अघोषित यात्रा के दौरान, जो उप राष्ट्रपति के तौर पर उनकी चौथी अफगानिस्तान यात्रा है, श्री डिक चेनी ने नाटो देशों से युद्धग्रस्त देश में और अधिक मजबूत प्रतिबद्धता के लिए कहा है ।

 

नाटो सदस्य यह विचार कर रहे हैं कि अफगानिस्तान में ऐसे समय और अधिक सैनिक भेजे जाएं या नहीं, जब यूरोपीय राजनेताओं के लिए आतंकवाद-विरोधी अभियान ज्यादा अलोकप्रिय होता जा रहा है । परंतु अमेरिकी उप राष्ट्रपति का कहना है कि अमेरिका और नाटो को अफगानिस्तान में फिर से उभर रहे तालिबान और अल-कायदा का मुकाबला करने के लिए पर्याप्त फौजें बनाए रखने की जरूरत है ।

 

उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान की सुरक्षा अंततः अफगान लोगों की पर्याप्त फौजें मुहैया कराने, जो सुप्रशिक्षित और सक्षम हों, की क्षमता पर निर्भर करेगी ।

 

श्री चेनी के साथ अपने अति सुरक्षित राष्ट्रपति महल में खड़े अफगान राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा कि जब तक अफगानिस्तान खुद की रक्षा करने के लिए तैयार नहीं हो जाता, तब तक नाटो की जरूरत बनी रहेगी ।

 

उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे हम अपनी संस्थाओं के साथ मजबूत होते जाएंगे, हम अफगानिस्तान की रक्षा करने और आतंकवाद से लड़ने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की जिम्मेदारी कम करते जाएंगे ।

 

अफगानिस्तान के पास अपने 70,000 सैनिक हैं, जो अपेक्षाकृत अच्छी तरह प्रशिक्षित माने जाते हैं, लेकिन रक्षा मंत्रालय का कहना है कि हजारों और सैनिकों की जरूरत है । नाटो-नीत अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा सहायता फौज के अफगानिस्तान में 43,000 सैनिक हैं ।

 

अमेरिका पर 2001 में हुए आतंकवादी हमलों के बाद अमेरिका-नीत और अफगान फौजों ने तालिबान का सफाया कर दिया था, लेकिन वह फिर से संगठित हो गए हैं ।

 

अधिक सैनिक भेजने के मुद्दे पर अगले महीने रोमानिया में नाटो शिखर सम्मेलन में चर्चा की जाएगी ।

 

श्री चेनी ने यह विश्वास भी जताया कि पाकिस्तान में बनने वाली नई लोकतांत्रिक ढंग से चुनी गई गठबंधन सरकार आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वॉशिंगटन को सहयोग देती रहेगी ।

 

उप राष्ट्रपति ने पत्रकारों को बताया कि उन्हें यकीन है कि इस्लामाबाद में सत्ता में आने वाले राजनेता यह समझते हैं कि अफगान-पाकिस्तानी सीमा पर अल-कायदा ताकतें उन्हें भी निशाना बनाने की कोशिश कर रही हैं ।

 

उन्होंने कहा कि हमारा मानना है और हमारे विचार में ज्यादातर लोग मानते हैं कि सरकार की जिम्मेदारी अपने सार्वभौमिक क्षेत्र पर नियंत्रण करने, यह सुनिश्चित करने की है कि यह क्षेत्र आतंकवादी गुटों के लिए सुरक्षित गढ़ न बने । मैं आशा करता हूं कि पाकिस्तान निश्चय ही यह जिम्मेदारी पूरी करेगा ।

 

वह अफगानिस्तान द्वारा पहले की गई इन शिकायतों का उल्लेख कर रहे थे कि पाकिस्तान ने अपने पर्वतीय सीमावर्ती क्षेत्रों में आतंकवादियों को पनाह लेने की इजाजत दी है ।

emailme.gif यह आलेख ई मेल करें
printerfriendly.gif प्रिंट करने के पहले यहां देखें

  सबसे महत्वपूर्ण
प्रधानमंत्री सोमवार से ५ दिनों के विदेश दौरे पर

  अन्य रिपोर्टें
मध्य भारत में  माओवादियों द्वारा २६ पुलिस अधिकारियों की ह्त्या
नई दिल्ली में पुल ढहने से पांच लोगों की मृत्यु
पुल ढहने के बाद दिल्ली के मेट्रो प्रमुख ने त्यागपत्र दिया
दक्षिणी अफ़गानिस्तान में चार अमरीकी सैनिकों की मौत
अमरीकी राष्ट्रपति  ओबामा की योरोपीय, अफ्रीकी दौरे से स्वदेश वापसी
अमरीका में गोपनीयता बनाए रखने के तरीक़ों को लेकर और मतभेद
उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान में घात लगा कर किए गए हमले में छह व्यक्ति मारे गए
इराक़ में अमरीकी सेना द्वारा पकड़े पांच ईरानी अधिकारियों की ईरान वापसी
इस्राइल के प्रधानमंत्री का फिलिस्तीनी राष्ट्रपति से शांती वार्ताएं पुनः शरू करने का आग्रह
भूतपूर्व दास केन्द्र के दौरे के साथ राष्ट्रपति ओबामा की घना यात्रा का समापन
घना में दिए अपने भाषण में राष्ट्रपति ओबामा ने अफ़्रीका के प्रति नीति को रेखांकित किया
राष्ट्रपति ओबामा, अमरीकी अर्थ व्यवस्था के बारे में सावधानी पूर्वक आशावान
मुंबई हमलावरों का मुक़द्दमा अगले सप्ताह शुरूः पाकिस्तान
भारतीय पुलिस पर कश्मीर में हुईं मौतों के प्रमाण दबाने के आरोप
भारत में देसी शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़ कर 122 तक पहुंची
चीन के भूकंप ग्रस्त क्षेत्र में सप्लाईयाँ पहुंचाने में शीघ्रता
इराक़ में शिया विधायकों ने ब्रितानी सैनिकों की मौजूदगी का विरोध किया
ईरान का जी-८ की अवस्थिति को ज्यादा महत्व नहीं
समझौता एक्सप्रेस कार्यक्रम जुलाई ८ २००९    Video clip available