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पाकिस्तान के विपक्ष ने अपदस्थ न्यायधीशों की वापसी का स्वागत किया है
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16/03/2009
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 | | Police cordon off former Primer Minister Nawaz Sharif's residence in Lahore, 15 Mar 2009 | पाकिस्तान के विपक्षी खेमे में सरकार की इस रज़ामंदी के बाद जश्न का माहोल है, सरकार देश
में बढ़ते राजनीतिक संकट को कम करने के प्रयास में इस बात के लिए राज़ी हो गयी है कि वह
सर्वोच्च न्यायायलय के न्यायधीशों को उनके पद पर बहाल कर देगी,
इस्लामाबाद से हमारे संवाददाता बैर्री न्यू हाउस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है विपक्ष के नेता
नवाज़ शरीफ ने आज इस एतिहासिक उपलब्धि का स्वागत किया और तुंरत इस्लामाबाद में होने
वाले विशाल विरोध मार्च को स्थगित कर दिया है.
युसूफ रेज़ा गिलानी ने अपने निर्णय की ये घोषणा आज प्रातः सुबह टेलिविज़न पर दिये एक
भाषण में की. प्रधान मंत्री गिलानी ने कहा- उन्होंने और राष्ट्रपति ने ये निर्णय लिया है
कि मुख्य न्यायाधीश इफ़्त्खार मोहम्मद चौधरी सहित अन्य अपदस्थ न्यायधीशों को शनिवार को
उनके पद पर बहाल किया जायेगा.
उन्होंने कहा कि श्री चौधरी को २१ मार्च को उनके पद की शपथ दिलाई जायेगी जब वर्तमान
मुख्य न्यायधीश अपने पद से अवकाश लेंगे. श्री गिलानी ने सभी वकीलों और सक्रियवादियों,
जिन्हें हाल में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान की गयी धरपकड़ कार्यवाही के समय
गिरफ़्तार किया गया था उन्हें भी रिहा करने के आदेश दिये हैं.
प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि सरकार सरवोच्च न्यायलय के हाल के एक निर्णय की भी
समीक्षा करेगी जिसके तहत पूर्व प्रधान मंत्री नवाज़ शरीफ और उनके भाई को कोई भी
निर्वाचित पद संभालने पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया है.
विपक्ष के नेता और पूर्व प्रधान मंत्री नवाज़ शरीफ ने कहा है उनके लम्बे मार्च की योजना
सफल रही है और उनके समर्थकों को इसका जश्न मनाना चाहिए.
श्री शरीफ ने अपने समर्थकों को ये कहते हुए अपना आभार व्यक्त किया कि वही हुआ है जो वे
चाहते थे. उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने मुख्य न्यायधीश को पहले ही उनके पद पर बहाल कर
दिया होता तो देश को इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता.
सरकार, पश्चिमी दबाब के अंतर्गत आ गई थी कि वह विपक्ष के साथ बनी आमने सामने की
स्थिति को समाप्त करे
जिसके कारण पाकिस्तान अव्यवस्था की कगार पर पहुंच गया था.
इस्लामाबाद में अमरीकी दूतावास ने पाकिस्तान के आज लिये इस निर्णय का स्वागत किया है
और इसे राष्ट्रिय मेलमिलाप की दिशा में बढाया गया एक ठोस कदम बताया है.
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