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मनमोहन सिंह ही प्रधान मंत्री होंगेः सोनिया गांधी
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24/03/2009
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 | | India's Prime Minister Manmohan Singh | भारत में सत्तारूढ़ कौंग्रेस पार्टी ने अगले महीने राष्ट्रव्यापी चुनावों से पहले अपने चुनाव मंच का अनावरण किया है. पार्टी ने आर्थिक विकास आगे बढ़ाने का वचन दिया है और इस बात की पुष्टि की है कि अगर पार्टी फिर से सत्ता में आ जाती है तो प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह ही सरकार का नेतृत्व करेंगे. इस बारे में नई दिल्ली से अंजना पसरीचा की रिपोर्टः
प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि अगर आगामी चुनावों में कौंग्रेस पार्टी विजयी हो जाती है तो वह हर क्षेत्र में और अधिक समन्वित विकास सुनिश्चित कराएगी. इसके पहले भारत की सत्तारूढ़ कौंग्रेस पार्टी ने अपने चुनाव मंच का अनावरण किया था.
देश के निर्धन मतदाताओं पर ध्यान केन्द्रित करते हुए प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि विकसित होती अर्थ व्यवस्था के लाभ अल्प संख्यकों और दलितों में वितरित किए जाएं.
श्री सिंह ने कहा कि हालांकि इस समय अर्थ व्यवस्था की गति धीमी है, फिर भी देश में कौंग्रेस पार्टी के सत्ता संभालने के बाद से पिछले पांच वर्षों में हुई आर्थिक प्रगति जैसी प्रगति कभी नहीं हुईः
“संपूर्ण विश्व पर संकट छाया हुआ है. लेकिन आज भी, भारत चीन के बाद आर्थिक प्रगति करने वाला विश्व का दूसरे नंबर का सबसे महत्वपूर्ण देश है. हमारे सामने अपनी यह अवस्थिति बनाए रखने की चुनौती है.”
पार्टी ने कई जन हिताय क़दम उठाये जाने का वचन दिया जैसे विश्व की धीमी अर्थ व्यवस्था से निर्धनों की रक्षा के लिए उन्हें रियायती दरों पर भोजन उपलब्ध कराना. दसियों लाख भारतीयों की रोज़ की आमदनी दो डौलर से भी कम है.
कौंग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उन अटकलों का खंडन किया कि पार्टी प्रधान मंत्री के पद के लिए शायद किसी अन्य व्यक्ति को चुनेगी, और कहा कि अगर उनकी पार्टी फिर से सत्ता में आ जाती है तो प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह ही नई सरकार का नेतृत्व करेंगे.
78 वर्षीय प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह के हृदय की हाल में शल्य चिकित्सा हुई है जिनसे कुछ ऐसी रिपोर्टों को बल मिला कि शायद वह फिर से प्रधान मंत्री का पद नहीं चाहेंगे. पार्टी के कुछ नेताओं ने भी कहा है कि सोनिया गांधी के बेटे राहुल गांधी को प्रधान मंत्री का पद दिया जाना चाहिए.
श्रीमती गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी देश में एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसकी राष्ट्रीय उपस्थिति है. उनका यह वक्तव्य ऐसे समय में आया है जब उनकी पार्टी को चुनौती देने के लिए कुछ क्षेत्रीय पार्टियों ने गठजोड़ बना लिए हैं.
श्रीमती गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी की वास्तविक राष्ट्रीय छवि है जो हमेशा एक धर्म निरपेक्ष, लोकतांत्रिक और सामाजिक रूप से न्यायपूर्ण देश के लिए लड़ती रही है.
कौंग्रेस पार्टी को मुख्य रूप से प्रतिपक्षी हिन्दू राष्ट्रवादी भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले गठजोड़ से चुनौती है. लेकिन राजनीतिक टीकाकारों का कहना है कि आगामी चुनावों में क्षेत्रीय पार्टियों की भी प्रमुख भूमिका रहेगी.
विभिन्न चरणों में एक महीने तक होने वाले चुनाव 16 अप्रैल से शुरू होंगे. मत गणना, संपूर्ण देश में एक महीने में पांच चरणों में चुनाव समाप्त होने जाने के बाद शुरू होगी.
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