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| Qatar's Emir and his wife at research center opening |
ऐसे में जबकि अरब देशों के नेता, दोहा क़तर में अपने वार्षिक सम्मेलन के लिए इकट्ठा होने की तैय्यारी कर रहे हैं, प्राथमिक संकेतों से लगता है कि प्रतिद्वंदी घटकों के बीच संघर्ष पनप रहा है जिससे पुनर्मेल के प्रयास विफल हो सकते हैं. इस बारे में काहिरा से ऐडवर्ड येरानियन की रिपोर्टः
ऐसा लगता है कि अरब नेताओं के बीच पनप रहा मतभेद, सोमवार को खाड़ी क्षेत्र के धनाड्य देश क़तर अमीरात में वार्षिक अरब सम्मेलन के उद्घाटन पर मुखर संघर्ष का रूप ले लेगा. मिस्र के राष्ट्रपति हुस्ने मुबारक पहले ही कह चुके हैं कि वह सम्मेलन में भाग नहीं लेंगे, और जोर्डन के शाह अब्दुल्लाह सहित कई उदारवादी अरब नेता भी अभी तक यह निर्णय नहीं ले सके हैं कि सम्मेलन में भाग लें या न लें.
जनवरी में हुए गाज़ा संघर्ष के दौरान मिस्र, जोर्डन, सीरिया और क़तर के बीच बने मतभेदों को दूर करने के सऊदी शाह अब्दुल्लाह के प्रयासों को विरोध का सामना करना पड़ सकता है. ईरान और फ़िलिस्तीनी हमास दल के साथ सीरिया और क़तर के अच्छे संबंध हैं जबकि मिस्र और जोर्डन के नहीं.
शिखर सम्मेलन में अरब नेताओं के सामने प्रमुख विषय रहेगा, प्रतिद्वंदी फ़िलिस्तीनी घटकों, हमास और फ़तेह के बीच बने मतभेदों को किस तरह सुल्झाया जाए और डारफ़ूर में किए गए युद्धापराधों के आरोप में सूडानी राष्ट्रपति ओमर हसन अल-बशीर के ख़िलाफ़ जारी अंतर्राष्ट्रीय वारंट का जवाब कैसे दिया जाए.
अरब देशों के बहुत से नेताओं ने हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय अपराध अदालत द्वारा राष्ट्रपति अल-बशीर पर आरोप लगाये जाने की आलोचना की है और अरब लीग के महा सचिव अम्र मूसा ने संकेत दिए हैं कि सम्मेलन में उस अभ्यारोपण को अस्वीकार किए जाने का प्रस्ताव जारी किया जाएगा. श्री मूसा ने कहाः
श्री मूसा कह रहे थे अरब लीग के विदेश मंत्रियों की विज्ञप्ति अंतर्राष्ट्रीय अपराध अदालत का निर्णय अस्वीकार करती है और हम उस पर उचित कार्यवाही करेंगे. अरब लीग, साथ ही अफ़्रीकी संघ में हमारी अवस्थिति है इस अभ्यारोपण को किसी न किसी तरह से रद्द करवाना.
श्री मूसा ने इस बात पर भी ध्यान दिलाया कि अरब लीग, श्री बशीर के विरुद्ध दिए गए अदालत के निर्णय के कार्यान्वयन पर रोक लगाने के लिए राष्ट्रसंघ सुरक्षा परिषद से आह्वान करेगी.
हालांकि शुरू शुरू में रिपोर्टें मिली थीं कि शायद सूडान के राष्ट्रपति गिरफ़्तारी के डर से शिखर सम्मेलन में भाग न लें, लेकिन इन अटकलों के बावजूद श्री बशीर सम्मेलन में भाग लेने के लिए पहुंचे हैं.
क़तर के प्रधान मंत्री शेख़ हामिद बिन जस्सेम अल-थानी ने एक पत्रकार सम्मेलन में बताया कि यह दुर्भाग्य की बात है कि मिस्र के राष्ट्रपति हुस्ने मुबारक शिखर सम्मेलन में भाग नहीं लेंगे, क्योंकि उनकी उपस्थिति “अरब विश्व की लंबे समय से चली आ रही जटिल समस्याओं के समाधान में योगदान करती.” उन्होंने कहाः
श्री अल-थानी कह रहे थे कि हमने प्रयास किया कि स्थिति और जटिल न हो, और हमने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि सम्मेलन में हमास, और आपको मालूम है कि किसी और यानी ईरान को आमंत्रित करके हम किसी को नाराज़ नहीं करेंगे. इस अवसर के लिए मैंने अपना पाठ सीख लिया है.
पिछली जनवरी में दोहा में आयोजित एक बैठक में क़तर ने हमास के नेताओं और ईरानी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद को आमंत्रित करके मिस्र को नाराज़ कर दिया था. रिपोर्ट है कि मिस्र, हाल के अंतर-अरब संघर्ष में क़तर की मध्यस्थता के बारंबार प्रयास के कारण नाराज़ है. Key Words: Qatar Summit, Doha, conflict, reconciliation