हजारों सालों से संप्रभु देश उन लोगों को शरण देते रहे हैं...जो अपने देश में उत्पीड़न का शिकार बन रहे थे...ये लोग विशिष्ट तरह के शरणार्थी हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका में नागरिकता और आव्रजन सेवा के उप प्रेस सचिव क्रिस रेटिगन कहते हैं "कोई भी ऐसा व्यक्ति संयुक्त राज्य अमेरिका में शरण मांग सकता है जिसको अपने देश में उत्पीड़न का वास्तविक भय हो।"
संयुक्त राज्य अमेरिका में अकेले पिछले साल में 22,930 लोगों को शरण दी गई है...जबकि पिछले तीन सालों में कुल मिलाकर 74,313 लोगों को शरण दी गई है। इन लोगों का या तो अपने देश में उत्पीड़न हुआ था...या फिर धर्म, जातीयता, विचारों में अंतर जैसे कारणों की वजह से ऐसा होने की प्रबल संभावना थी।
किसी भी देश के नागरिक शरण के लिए आवेदन दे सकते हैं...उनकी राष्ट्रीयता या वर्तमान आव्रजन स्थिति का इस पर कोई असर नहीं पड़ता है। सभी को एक साक्षात्कार के जरिये अपनी बात कहने का मौका दिया जायेगा।
इस आवेदन पत्र को दो प्रकार से भरा जा सकता है...सकारात्मक या रक्षात्मक। पहली स्थिति में ऐसा व्यक्ति जिसको हटाये जाने लिये कोई प्रक्रिया नहीं चल रही होती है...वो अमरीका सरकार के होमलैंड सिक्यूरिटी विभाग में इसके लिए आवेदन देता है।
रेटिगन कहते हैं "अमरीकी नागरिकता और आव्रजन सेवा प्रत्येक आवेदन की जांच करने के बाद केस-दर-केस इस पर कोई फैसला लेती है।" अधिकारी आवेदक का साक्षात्कार लेते है, आवेदन पत्र की जांच करते हैं...प्रार्थी के देश की परिस्थितियों की पड़ताल करने के बाद ही कोई फैसला लेते हैं।
रक्षात्मक शरण वो लोग मांगते हैं जिनके विरुद्ध पहले ही अमेरिका से बाहर भेजने की प्रक्रिया चल रही होती है। आव्रजन न्यायाधीश इस पर कोई फैसला लेते हैं। पिछले वर्ष यूएससीआईसीएस ने सकारात्मक शरण मांगने के 33 प्रतिशत मामलों में मंजूरी दी जबकि आव्रजन न्यायाधीशों ने रक्षात्मक शरण मांगने के 55 प्रतिशत मामलों में अपनी मंजूरी दी।
ऐसे ही एक शरणार्ती रैमन हम्बर्टो कोलास, जो मानव अधिकार कार्यकर्ता भी हैं, क्यूबा से भागकर संयुक्त राज्य अमेरिका आये थे। कोलास कहते हैं संस्कृति और बौद्धिक अधिकारों की रक्षा में सक्रिय भूमिका और संस्कृति से जुड़े मामलों का बहाना बनाकर मुझे देश से निकलने के लिये मजबूर कर दिया गया।
श्री कोलास कहते हैं "मुझे संयुक्त राज्य अमेरिका में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रा है। मैंने अपनी जिंदगी के चालीस वर्ष अपने देश में बर्बाद कर दिये। ये कहना आसान लगता है...लेकिन आपको ये समझना होगा कि ऐसी हालत में आपको क्या भुगतना पड़ता है। लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका में मेरा जीवन पूरी तरह से बदल गया है।"
शरण के इच्छुक लोगों को सुरक्षा प्रदान करना मानवाधिकारों की रक्षा के लिये संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा विश्व भर में दिये जा रहे समर्थन का एक हिस्सा है।