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भारत में सत्यम कंप्यूटर्स को ख़रीदा टेक महिंद्रा ने
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13/04/2009
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 | B Ramalinga Raju, the disgraced founder of Satyam Computer
Services in the Rs 7,000 crore scam.
| वित्तीय घोटालों से घिरी भारत की एक विवादास्पद आउट सोर्सिंग विशाल कम्प्यूटर सेवा
कम्पनी को एक संचार माध्यम फर्म टेक महिंद्रा ने खरीद लिया है. नई दिल्ली से हमारी
संवाददाता अंजना पसरीचा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है आशा की जा रही है कि इस
कार्यवाही से लोगों का, भारत की आई.टी सेवाओ के सेक्टर में, विश्वास बहाल होगा.
आज सोमवार को सत्यम की ३५१ मिलियन की कम्पनी का ३१ प्रतिशत हिस्सा
टेक महिंदा ने खरीदा. कई कंपनियों ने सत्यम को ख़रीदने के लिए अपने प्रस्ताव भेजे थे लेकिन टेक
महिंद्रा के प्रस्ताव को सबसे बेहतर पाया गया. अभी इसे सरकार की अनुमति मिलना बाकी है.
पिछले जनवरी महीनें में सत्यम के संस्थापक रामलिंगा राजू ने कंपनी में घोटाले की बात स्वीकार
करके अपने पूंजी निवेशकों को आश्चर्य में डाल दिया था. उन्होंने ये बात मानी थी कि कंपनी
का लाभ जिसे एक अरब डालर से अधिक बताया गया था वह गलत बयान था. कंपनी अपने शेयर
धारकों को इस भुलावे में वर्षों से रखे हुये थी.
सत्यम की अध्यक्ष किरण कार्निक ने कहा है कि इस साझेदारी ने कंपनी को एक नई दिशा दी
है, इस कार्यवाही से, आउट सोर्सिंग की इस विशाल कम्पनी में ग्राहकों का विश्वास बढेगा.
सत्यम की अध्यक्ष किरन कार्निक ने कहा है , हम बहुत प्रसन्न हैं, हमारा विचार है कि ये
बहुत कीमती लाभदायक कम्पनी है.हम आज की इस खरीददारी को एक बहुत ही सफल कदम मानते हैं.
सत्यम के घोटाले ने, इस बारे में भी प्रश्न खड़े कर दिये हैं कि क्या भारत में लेखे जोखे और निगम
नियंत्रण का मानदंड उपयुक्त है.
सत्यम की आज हुई बिक्री की घोषणा के बाद, भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस
बात का आश्वासन दिया कि इस तरह का घोटाला दोबारा नहीं होगा.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा- मुझे पूरा विश्वास है कि हमारी नियमन प्रणाली में
लचीलेपन की शक्ति है और ये सुनाश्चित करने की इतनी ताकत है कि सत्यम जैसा जो कुछ हुआ
उसकी पुनरावृति फिर कभी नहीं होगी.
सत्यम के ७० देशों में लगभग ५३ हज़ार कर्मचारी हैं और उनमें अमरीका की जनरल एलेक्ट्रिक जैसे
बड़े निगम भी शामिल हैं. सत्यम न्यूयार्क स्टॉक एक्सचेंज में भी शामिल है और अमरीका में उसे
कई एक मुकद्दमों का सामना भी है.
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