स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश के सभी रिटेल दवा विक्रेताओं फ्लू के उपचार की दवा ओसेल्टामिवियर फ़ॉस्फ़ेट (टैमिफ्लू) की बिक्री करने से रोक दिया है. आदेश में कहा गया है कि भारत में टैमिफ्लू की खुदरा बिक्री प्रतिबंधित है.
स्वास्थ्य मंत्रालय की विज्ञप्ति में कहा गया है कि इन दवा के अनावश्यक प्रयोग से फ्लू के वाइरस में इस इसके प्रतिरोध की क्षमता विकसित हो सकती है.
सरकार ने ये भी कहा कि देश में इस दवा का पर्याप्त भण्डार उपलब्ध है...और आवश्यकता पड़ने पर सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के जरिये इसका मुफ्त वितरण किया जायेगा. यद्यपि देश में अभी तक एचवनएनवन इन्फ्लुएन्जा के किसी भी मामले की पुष्टि नहीं हुई है.
अभी तक 20 संदिग्ध संक्रमण के मामलों में जांच रिपोर्ट में इसकी पुष्टि नहीं हुई और तीन संदिग्ध मामलों में परीक्षण अभी भी चल रहा है. इसके अलावा देश के सभी 21 अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों में विदेशों से आने वाले यात्रियों की जांच का काम भी जारी है.
अभी तक 39,315 यात्रियों की जांच की जा चुकी है इसमें करीब 6 हजार यात्री फ्लू प्रभावित देशों से आये थे.
गुरुवार को कर्नाटक के बैंगलोर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अमेरिका से आये दो सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को संदिग्ध संक्रमण की जांच के लिये अलग कर लिया गया है. इन दोनों को राजीव गांधी वक्ष रोग संस्थान में रखा गया है.
संयुक्त राष्ट्र ने इन्फ्लुएन्जा की दवाई बनाने वाली सभी कंपनियों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिये 19 मई को एक बैठक भी बुलाई है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि अभी तक 23 देशों में 1,658 मामले सामने आ चुके हैं...और बुधवार तक 30 मौतों की पुष्टि हो चुकी है.