उत्तर प्रदेश के सलाहकार बोर्ड ने वरुण पर रासुका लगाने को अवैध करार दिया
है. इस बोर्ड में उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश और दो सेवानिवृत्त
न्यायाधीश होते हैं. वॉइस ऑफ अमेरिका के नई दिल्ली स्थित संवाददाता कृष्णानन्द त्रिपाठी ने भाजपा नेता वरुण गांधी से इस मुद्दे पर बात करने की कोशिश की तो उन्होंने एक एसएमएस भेज कर कहा कि "न्यायपालिका में उनका अभी तक बना हुआ भरोसा पूरी तरह से सही साबित हुआ है...केंद्र और राज्य सरकार की मेरे खिलाफ राजनीतिक साजिश बेनकाब हो गई है...और जो 20 दिन मैंने जेल में बिताये हैं...अधिकारियों को इसका 20 गुना जवाब भारत की जनता को देना होगा....ये दिन केवल मेरे लिये ही नहीं बल्कि भारत के लोकतंत्र के लिये भी ऐतिहासिक दिन है."
वरुण की मौसी अंबिका शुक्ला ने फोन पर वॉइस ऑफ अमेरिका को बताया कि एडवॉइज़री बोर्ड के फैसले से वो लोग काफी राहत महसूस कर रहे हैं...उन्होंने कहा पूरा देश इस बात को जान रहा था कि इस मामले में कुछ भी नहीं है...और ये केस सिर्फ राजनीतिक लाभ लेने के लिया गया था...उन्होंने ये भी दावा किया कि बोर्ड का निर्णय राज्य सरकार के लिये बाध्यकारी है...और सरकार इस फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती नहीं दे सकती है....
ऑडियो को सुनने के लिये साथ में दिये गये लिंक पर क्लिक करें.