अमेरिका में शिक्षा को बढावा देने के लिए नेशनल स्पेलिंग बी प्रतियोगिता हर साल आयोजित की जाती है. पिछले काफ़ी वर्षों से इस प्रतियोगिता में ख़ास भारतीय मूल के छात्रों ने धूम मचाई हुई है. इस बार,बेहतरीन प्रदर्शन का सपना लेकर १३ साल के रजत सिंह चार साल के प्रयासों के बाद, प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे है.
१२ साल की जीना कपाड़िया पिछले एक साल से , इस स्पर्धा के लिए तैय्यारी कर रही थीं. जीना का कहना है " मुझे काफी डर लग रहा है क्योंकि में पहली बार इसमें शामिल हुई हूं हांलाकि ऐसे भी काफी बच्चे हैं जो पहले हिस्सा ले चुके हैं."
जीना और रजत के माता पिता बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिये उनके साथ वॉशिंगटन आये हैं, उनका कहना है कि दरअसल भारतीय अमेरिकी बच्चों के अच्छे प्रदर्शन और प्रतियोगिता में जीतने का राज़ है उनकी कड़ी मेहनत.
स्पेलिंग बी चैम्पियन का खिताब जीतने के लिए २९३ प्रतियोगी मैदान में हैं जिनमे से ३५ दक्षिण एशियाई मूल के हैं. प्रक्रिया पूरी होने के बाद विजेता के नाम का ऐलान होगा.
पिछले १० में से ६ बार स्पेलिंग बी प्रतियोगोता को भारतीय मूल के छात्रों ने जीता है. इस साल भी, भारतीय अमेरिकी प्रतियोगियों से बहुत सी उम्मीदें हैं.