भारतीय अमेरिकी काव्या शिवशंकर ने प्रतिष्टित प्रतियोगिता नैशनल स्पेलिंग बी जीत ली है. अमेरिकी राजधानी वॉशिंगटन डी सी में हुए फायनल राउंड में कैनसस राज्य की रहने वाली काव्या ने बाकी २९३ स्पर्धियों को हराकर ये जीत हासिल की. पिछले साल काव्या चौथे नंबर पर रही थी. इस जीत के कारण काव्या को ४०,००० डॉलर यानि लगभग २० लाख रुपयों का इनाम मिला है. इस स्पर्धा में अमेरिका में बसे भारतीय मूल के बच्चे लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं.
नैशनल स्पेलिंग बी महज़ एक प्रतियोगिता नहीं बल्कि उससे कहीं ज्यादा है. इसका अंदाजा लगाया जा सकता है प्रतियोगिता से जुड़ी हल चल को देख कर. अमेरिका भर और कुछ दूसरे देशों से भी बच्चे और उनके माता पिता जमा होते हैं चैम्पियन का ताज पहनने के इरादे से.
प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने के दबाव के साथ इन बच्चों को लाईट्स, कैमरा और दर्शकों का सामना भी करना पड़ता है. जिसके कारण दर्शकों के लिए स्पेलिंग बी प्रतियोगिता, रोमांचक मनोरंजन का रूप ले लेती है.
इस स्पर्धा को देखने आये दर्शकों में से एक ,हमें बताते हैं कि यह एक शैक्षणिक रियलिटी शो जैसा है जहां आप बच्चों को संघर्ष करते देख सकते हैं, सही या गलत स्पेलिंग देते देख सकते हैं, और आखिरकार रियलिटी शो लोकप्रिय हैं ही वहीं बच्चों का सारा ध्यान शब्दों की सही स्पेलिंग और हर राउंड में आगे बढ़ने पर होता है.
स्पेलिंग बी की तैय्यारी के लिए घंटो ही नहीं, साल लग जाते हैं, और एक गलत शब्द का मतलब है उन बच्चों के लिए एक और साल की मेहनत.
लेकिन कई भारतीय मूल के बच्चों का यह आखरी साल हैं. वैभव वाविला सेमी फायनल से आगे नहीं बढ़ पाए और उन्हें स्पेलिंग बी को अलविदा कहना पड़ा. आगे चल कर वाविला कुछ और चुनौती ढूँढेंगे लेकिन फिलहाल एक छोटा ब्रेक लेना चाहते हैं.
इस साल अंतिम दौर में पहुंचे हुए ११ छात्रों में से सात भारतीय मूल के थे.
अमेरिका में स्पेलिंग बी पिछले कुछ सालों से खासा हाय प्रोफाइल आयोजन होता जा रहा है, इसीलिए इस बार, प्रतियोगिता के इतिहास में, सबसे ज्यादा प्रतियोगी शामिल हुए. इस साल तक़रीबन ११ लाख बच्चों ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था.
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