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| Logo of the World Health Organization is seen at WHO headquarters in Geneva, 11 Jun 2009 |
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ४० वर्षों में पहली बार, इन्फ्लुएन्ज़ा को महामारी घोषित किया है.
ये ऐसे समय किया गया है जबकि,विश्व भर में एचवनएनवन स्वाइन फ़्लू तेज़ी से फ़ैल रहा है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन की महा निदेशक मार्गरेट चेन ने ये घोषणा,बृहस्पतिवार, आज जिनेवा में
की. इससे पहले वहां इस रोग के विशेषज्ञों की एक बैठक हुयी थी. शुश्री चेन ने बताया ७४
देशों में, इस रोग के ३० हज़ार मामले दर्ज कराये गए हैं.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि अब इस बात की संभावना है की सरकारें इस रोग को फैलने
से रोकने के लिए और अधिक धन खर्ज करेंगी और दवा कम्पनियों को प्रोत्साहित किया जाएगा
कि वे टीका तैयार करने के लिए, अपनी कारवाई तेज़ करें. सतर्कता का स्तर भी बढाकर ५ से
६ कर दिया गया है.
हांगकांग के अधिकारियों ने , १२ छात्रों में इस वायरस का परीक्षण पोज़िटिव पाए जाने पर
सारे किन्डरगार्डन और प्राइमरी स्कूल, दो सप्ताहों के लिए, बंद कर दिये हैं.
हांगकांग के प्रमुख पदाधिकारी डोनाल्ड त्सांग ने बृहस्पतिवार को रिपोर्टरों को बताया कि
अधिकारीगण इस वायरस के संदूषण के श्रोत का पता नहीं लगा पाये हैं. इसीलिए समुद्रपार से
आये , किसी व्यक्ति, से हुए संपर्क की जानकारी के बगैर, इंसान में स्वाइन फ़्लु के ये पहले मामले हैं.
इसके साथ ही आज बृहस्पतिवार को, पश्चिमी जर्मन शहर, दुएस्सेलद्रोफ़ ने, इस बात की पुष्टि
की ,कि छात्रों में कम से कम २६ मामले सामने आये हैं, ये छात्र शहर के एक जापानी स्कूल के हैं.
कल प्रसारित किये गये, नये आंकडों के अनुसार फ़्लु वायरस से संदूषित लोगों की संख्या , लगभग
२८,००० तक पहुंच गई है विश्वस्वास्थ्य संगठन ने, ये भी कहा है कि इस वायरस से ७४ देशों में
,१४१ लोग मौत का शिकार हुये हैं.