उड़ीसा के पुरी और गुजरात के अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की प्रसिद्ध रथ यात्रा की रंगारंग शुरुआत बुधवार सुबह हो गई है. 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होने के लिये पुरी में एकत्रित हुये हैं.
पुरी रथयात्रा करीब एक हजार सालों से चली आ रही है और दुनिया की सबसे पुरानी जीवित बची धार्मिक परंपराओं में से एक है.
दुनिया भर से लाखों श्रद्धालु एक हफ्ते चलने वाली इस पूजा में शामिल होने के लिये इकट्ठा हुये हैं. इस यात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों को श्रद्धालु खींच कर 2 किलोमीटर दूर स्थित गुंडीचा मंदिर तक ले जाते हैं. और एक हफ्ते बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा को श्रीमंदिर वापस लाया जाता है.
नक्सल और आतंकी हमले की आशंका को देखते हुये सरकार ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये हैं. पूरे इलाके पर निगरानी रखने के लिये कैमरे लगाये गये हैं और सुरक्षा अधिकारी दूरबीनों के जरिये भी इलाके पर नजर रखे हुये हैं.
भारतीय रेलवे ने तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिये देश के अलग हिस्सों से 66 विशेष रेलगाड़ियां भी चलाई हैं.