 |
| Hondur |
हौंडुरस में आज, रविवार को सैनिकों ने राष्ट्रपति होज़े मैनुअल ज़ेलाया को हिरासत में ले लिया और उन्हें कोस्टा रिका भेज दिया, रविवार को ही राष्ट्रपति ने संविधान में उस परिवर्तन के लिए जनमत संग्रह करने का आह्वान किया था जिसके अनुसार उन्हें दूसरी कार्यावधि के लिए उम्मीदवारी की अनुमति मिल जाती.
श्री ज़ेलेया ने कहा कि वह “अपहरण” और “राष्ट्र विप्लव का शिकार” हुए है. सेन होज़े से पत्रकारों से बात करते हुए श्री ज़ेलेया ने कहा कि वह उनकी सरकार की जगह किसी भी सरकार को मान्यता नहीं देंगे और उन्होंने राष्ट्रपति काल की अपनी कार्यावधि पूरी करने का संकल्प लिया.
हौंडुरस के सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि उसने थल सेना को श्री ज़ेलेया को इसलिए गिरफ़्तार करने के आदेश दिये थे क्योंकि वह ऐसे विधेयक पर जन मत संग्रह करवाने का प्रयास कर रहे थे जिसे अदालत ने ग़ैर क़ानूनी माना था.
श्री ज़ेलेया के सहायकों ने कहा कि सैनिक उन्हें रविवार सुबह उनके निवास स्थल से हौंडुरस की राजधानी के बाहर स्थित वायु सैनिक अड्डे पर ले गए.
उनकी गिरफ़्तारी के कुछ ही देर बाद राष्ट्र विप्लव का आह्वान कर रहे प्रदर्शनकारी राष्ट्रपतीय प्रासाद के बाहर इकट्ठा हो गए. हौंडुरस के सैनिकों ने प्रासाद को घेर लिया और प्रवेश द्वार को अवरुद्ध कर दिया.
राष्ट्रपति ज़ेलाया सन 2006 में चार वर्षों की कार्यावधि के लिए निर्वाचित किए गए थे. सन 1982 के संविधान के अनुसार राष्ट्रपति चार वर्षों के बाद फिर से खड़े नहीं हो सकते.