देर से ही लेकिन दक्षिण पश्चिम मॉनसून ने बरसना शुरू कर दिया है. भारत के मौसम विभाग ने मंगलवार को कहा कि देश के अधिकतर हिस्सों में मॉनसून की बारिश होना शुरू हो गई है.
ये मॉनसून भारतीय अर्थव्यवस्था विशेषकर कृषि के लिये काफी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इसी मौसम में भारत में चावल, तिलहन, दाल, गन्ने और कपास की बुवाई होती है.
मौसम विभाग ने कहा, "अगले दो दिनों में पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ बचे हुये हिस्सों में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिये आदर्श परिस्थितियां बनी हुयी हैं."
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिम और मध्य भारत में इस बार बढ़िया बारिश होगी...देश के इन हिस्सों में तिलहन की खेती होती है. यद्यपि इस महीने की एक तारीख से 24 तारीख तक केवल 52.8 मिलीमीटर वर्षा हुई है जो सामान्य का केवल 54 प्रतिशत ही है.
पिछले बुधवार को मौसम विभाग ने कहा था कि जून-सितंबर में इस बार दीर्घकालिक औसत की केवल 93 प्रतिशत ही बारिश होगी...पिछले चार वर्षों में ये पहली बार है कि देश में औसत से कम बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया गया है.
उड़ीसा, बिहार, झारखण्ड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में जमकर मॉनसून की बारिश हो रही है. उत्तराखण्ड में भी बारिश से ठण्ड बढ़ी है. राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में कल रात और आज सुबह की बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है. मौसम विभाग ने कहा है कि अगले दो दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में बादल छाये रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है.