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पाकिस्तान में हुए मत सर्वेक्षण से तालिबान के विरोध का आभास
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01/07/2009
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 | Asif Ali Zardari
| पाकिस्तान में हुए एक नए जनमत सर्वेक्षण से संकेत मिले हैं कि देश की 80 प्रतिशत जनता तालिबान को देश के लिए गंभीर ख़तरा मानती है – सन् 2007 में किए गए मत सर्वेक्षण की तुलना में यह संख्या काफ़ी अधिक है जब 34 प्रतिशत व्यक्तियों ने यही राय व्यक्त की थी.
मैरीलैन्ड विश्व विद्यालय के सर्वेक्षण दल के इस अध्ययन में यह संकेत भी मिले हैं कि जबकि पाकिस्तानी, तालिबान को पहले से अधिक गंभीर ख़तरा मान रहे हैं, अमरीका में नए राष्ट्रपति के निर्वाचन के बावजूद, एक बड़ी संख्या में (69%) लोगों के अमरीका सरकार के बारे में विचार अच्छे नहीं हैं.
पाकिस्तान के लगभग दो तिहाई लोगों ने कहा कि उन्हें राष्ट्रपति बराक ओबामा पर भरोसा नहीं है.
अफ़ग़ानिस्तान में तैनात विदेशी सैनिकों के बारे में अभी भी पाकिस्तानियों के विचार अच्छे नहीं हैं. लगभग 72 प्रतिशत व्यक्तियों ने कहा कि वह अफ़ग़ानिस्तान में नेटो मिशन को अस्वीकार करते हैं और 79 प्रतिशत ने कहा कि वह चाहते हैं कि वह मिशन तुरंत समाप्त कर दिया जाए.
मत सर्वेक्षण की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 68 प्रतिशत पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी से ख़ुश नहीं हैं, लेकिन स्वात घाटी में तालिबान उग्रवादियों के ख़िलाफ़ जारी लड़ाई में अधिकतर लोग (69%) अभी भी सरकार और सेना (72%) में विश्वास रखते हैं.
विश्व जनमत द्वारा इकट्ठा किए गए आंकड़ों के अनुसार उनके सलाहकारों ने मई में पाकिस्तान के कई क्षेत्रों में लगभग 1,000 लोगों से प्रश्न किए. अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि इस सर्वेक्षण में 3.2 प्रतिशत कम या अधिक की ग़लती की संभावना हो सकती है.
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