भारत के चार शहरों में सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ कारवाई के लिए जरूरी राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) केंद्र खोले हैं. गत वर्ष के मुम्बई आतंकवादी हमले के बाद एनएसजी के गार्डों को तुरंत मौके पर पहुंचने में समय लगा था.
अब मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई, और कोलकाता में एनएसजी के केन्द्र खोले गए हैं. पिछले वर्ष मुंबई में हुए हमलों के बाद एनएसजी के कमांडो को मुंबई पहुंचने में लगभग १० घंटों का समय लगा था. मुम्बई आतंकवादी हमले के दौरान इन गार्डों को हरियाणा के गुडगांव से मुंबई लाया गया था. कई सुरक्षा जानकारों ने इस बात पर नाराज़गी व्यक्त की थी और कहा था कि ऐसे मौके पर गार्डों को फ़ौरन मुंबई लाना जरूरी था.
गृह मंत्री पी चिदम्बरम ने एनएसजी के चेन्नई केन्द्र के उद्घाटन के बाद पत्रकारों से कहा कि देश के अलग अलग हिस्सों में एनएसजी केन्द्रों के खोलने का उद्देश्य इसमें लचीलापन लाना है. और उन्होंने कहा कि आपातकाल में यह तत्काल काम कर सकता है. श्री चिदंबरम ने कहा कि १००० से ज्यादा गार्डों को इन चार केन्द्रों पर तैनात किया जायेगा. साथ ही उन्होंने कहा कि गुवाहाटी और जोधपुर में और दो नए केन्द्र खोले जाएंगे. श्री चिदंबरम ने इस बात पर जोर दिया कि इन केन्द्रों को खोलने का अर्थ यह नहीं की देश में आतंकवाद का खतरा बढ़ गया है.