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ईरान के राष्ट्रपतीय चुनाव - लोकतंत्र के खिलाफ आघात : भूतपूर्व ईरानी राष्ट्रपति
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01/07/2009
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 | | Former President Mohammad Khatami, casts his ballot for the presidential elections in Tehran, 12 Jun 2009 | ईरान के भूतपूर्व राष्ट्रपति और सुधारवादी नेता मोहम्मद खतामी ने कहा है कि हाल ही में हुए राष्ट्रपति पद के चुनावी नतीजे लोकतंत्र के विरूद्व आघात हैं.
ईरान की शक्तिशाली अभिभावक परिषद ने दो दिन पहले राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद के पुनर्निर्वाचन की पुष्टि की थी. खतामी इसी नतीजे के बारें में बात कर रहे थे.
विरोधी नेता और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार मीर हुसैन मोसावी और मेहदी करौबी ने भी चुनावों के नतीजों की कड़ी आलोचना की है और कहा है कि अहमदीनेजाद द्वारा चलाई जा रही सरकार अवैध है.
अपनी वेब साईट पर दिए बयान में श्री मोसावी ने अपने समर्थकों से अपने अधिकार की लडाई को जारी रखने का अनुरोध किया. साथ ही उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में सुधार और प्रेस की स्वतंत्रता की मांग को दोहराया. उन्होंने चुनावी नतीजों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उन्हें रिहा करने की भी मांग की. मोसावी और करौबी दोनो ने १२ जून के मतदान को अस्वीकार किया है.
ईरान ने करौबी की पार्टी से जुड़े एक अखबार की छपाई भी रोक दी है.
ईरान की पुलिस ने बताया कि चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद भड़के दंगों में २० लोग मारे गए और लगभग १००० लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया. वहीं मानवाधिकारवादी संगठनों ने मारे गए लोगों के आकंडे को कहीं अधिक बताया है.
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