गृहमंत्री श्री पी चिदंबरम ने कहा है कि गुप्तचर एजेंसियों को ऐसे संकेत मिले हैं जिससे साफ है कि देश के पश्चिमी समुद्र तट पर आतंकी हमला हो सकता है. हैदराबाद में विशिष्ट आतंकवाद रोधी दस्ते एनएसजी की क्षेत्रीय इकाई का उदघाटन करने के बाद उन्होंने पत्रकारों को ये जानकारी दी.
उन्होंने कहा, "गुप्तचर संस्थाओं से इस बात की जानकारी मिली है...और जैसा कि नियम है तत्काल ये सूचना सभी संबंधित राज्य सरकारों को दे दी गई है."
श्री चिदंबरम ने कहा, "जानकारी ये है कि भारत की पश्चिमी सीमा को आतंकवादियों से खतरा है...ये जानकारी हमने गुजरात, गोआ और महाराष्ट्र को दे दी है."
हालांकि उन्होंने स्पष्ट करते हुये कहा, "इसका मतलब ये नहीं है कि तुरंत ही कोई हमला होने वाला है."
इससे पहले तमिलनाडु की राजधानी चेन्नै में एनएसजी इकाई का उदघाटन करते हुये उन्होंने कहा था कि भारत की आईटी राजधानी बैंगलुरु और जोधपुर में सेना को आतंकवाद विरोधी इकाइयां स्थापित करने के लिये कहा जायेगा.
उन्होंने कहा कि असम के गौहाटी में सीमा सुरक्षा बल के जरिये आतंकवाद विरोधी इकाई स्थापित की जायेगी.
गृहमंत्री ने कहा कि देश के कई हिस्सों में एनएसजी की इकाइयां स्थापित करने का ये मतलब नहीं निकाला जाना चाहिये कि आतंकवादी खतरा बढ़ गया है...बल्कि इसका उद्देश्य ये है कि हमले के दौरान त्वरित कार्यवाही की जा सके.
इस मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी ने कहा कि सरकार तिरुपति मंदिर की सुरक्षा बढ़ाने जा रही है.