2008 में ऑस्ट्रेलिया में 54 विदेशी छात्रों की मौत, आधे भारतीय: ऑस्ट्रेलियाई अख़बार
02/07/2009
Foreign students on
ऑस्ट्रेलिया के इस अग्रणी समाचार पत्र ने अपनी रिपोर्ट
ऑस्ट्रेलियाई समाचार पत्र 'दएज' के अनुसार सन
2008 में ऑस्ट्रेलिया में 54 विदेशी छात्रों की मौत हुई है. इनमें से आधे भारतीय छात्र
हैं. कहा है कि कोरोनर कार्यालय इस मामले में जानकारी को दबाने की कोशिश कर रहे
हैं.
समाचार पत्र ने लिखा है कि राष्ट्रीय संदेहास्पद-मृत्यु
सूचना व्यवस्था (एनसीआईएस) के अन्तर्गत आने वाले राज्य और क्षेत्रीय कोरोनर कार्यालयों
ने 2008 में विदेशी छात्रों की मृत्यु के आंकड़े उसे देने से मना कर दिया है.
विक्टोरियाई कोरोनर कार्यालय की प्रवक्ता जेनिफर कोएट
ने कहा है कि क्योंकि ये जानकारी संपूर्ण नहीं है इसलिये इसे सार्वजनिक नहीं किया जा
सकता है. उन्होंने कहा, "सभी मृतकों की राष्ट्रीयता और व्यवसाय दर्ज करना जरूरी
नहीं है."
इस साल फरवरी में संसद में एक प्रश्न के उत्तर में सरकार
ने कहा था कि 2008 में 51 विदेशी छात्रों की मौत हुई है जिनमें से 34 की मृत्यु अज्ञात
कारणों से हुई. 14 विदेशी छात्रों की मृत्यु दुर्घटना और 3 की बीमारी से हुई.
लेकिन समाचार पत्र ने कहा कि उसकी पड़ताल के मुताबिक
51 के बजाय 54 विदेशी छात्रों की मृत्यु हुई है जिनमें अधिकांश भारत, कोरिया और चीन से हैं. लेकिन सबसे ज्यादा
लगभग आधे छात्र अकेले भारत से ही हैं.
'दएज' ने दावा किया है कि संसद में दिये उत्तर में आत्महत्याओं
का जिक्र कहीं नहीं है लेकिन उसके अनुसार कम से कम तीन विदेशी छात्रों ने पिछले साल
ऑस्ट्रेलिया में आत्महत्या की है.
विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों की मृत्यु की सूचना
को दर्ज करना अनिवार्य बनाया जाना चाहिये. अभी किसी विदेशी छात्र की मृत्यु होने की
हालत में शिक्षण संस्थान के लिये मौत के कारण की सूचना शिक्षा विभाग को देना अनिवार्य
नहीं है.
विपक्ष की देशान्तरण प्रवक्ता शर्मन स्टोन ने इस मामले
को संसद में उठाया था उनका कहना है, "34 विदेशी छात्रों की मृत्यु के कारण अज्ञात रहना, अपने आप में असाधारण बात है."