वेस्ट इण्डीज में खेली जा रही चार एक दिवसीय मैचों की
श्रृंखला के दूसरे मैच में मेजबान टीम के हाथों अपमानजनक पराजय के बाद आज सेंट लूसिया
में होने वाले तीसरे मैच को जीतने की कठिन चुनौती भारतीय टीम के सामने है. भारतीय टीम
में सलामी बल्लेबाजों के प्रदर्शन को लेकर भी चिंता बनी हुई है.
शुरुआती दो मैचों में भारतीय बल्लेबाजों में वो दमखम
नहीं दिखा जिसके लिये वो जाने जाते हैं. पिछले मैच में धोनी की 95 रनों की जोरदार पारी
के बावजूद भारतीय टीम 8 विकेट से हार गई.
जो भी टीम आज होने वाले मैच को जीतेगी उसके श्रृंखला
हारने की संभावनायें खत्म हो जायेंगी यही वजह है दोनों टीमें इस मैच को जीतने का पूरा
प्रयास करेंगी.
टी-20 से जल्द बाहर होने के बाद भारतीय टीम इस श्रृंखला
में उस दाग को धुलना चाहती थी...खुद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने दौरा शुरू होने से
पहले कहा था कि वो वेस्ट इण्डीज में हार की कड़वीं यादों को भुलाने की कोशिश करेंगे.
लेकिन अभी तक भारतीय टीम के प्रदर्शन से ऐसा होता दिखता नहीं है.
भारत पहला मैच तो 20 रनों से जीतने में सफल रहा था लेकिन
दूसरे मैच में करारी हार से टीम का संतुलन डिग गया दिखता है जबकि मेहमान टीम का आत्मविश्वास
बढ़ गया है.
सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग जैसे बल्लेबाजों के
नहीं होने से टीम की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.
वेस्ट इण्डीज के गेंदबाजों ने शॉर्ट पिच की गेंदे फेंककर
भारतीय बल्लेबाजों को परेशानी में डाल रखा है जिससे निपटने का रास्ता भारतीय टीम को
ढूंढ़ना है. खुद धोनी ने मैच हारने के बाद माना था कि वेस्ट इण्डीज के गेंदबाजों को
गंभीरता से नहीं लेना उन लोगों की भूल थी.