रेल बजट में यात्री किराये और माले भाड़े मे वृद्धि नहीं
03/07/2009
By कृष्णानन्द त्रिपाठी, नई दिल्ली
रेल मंत्री सुश्री ममता बनर्जी ने महंगाई से जूझ रही
जनता के लिये एक लोक लुभावन रेल बजट पेश किया. सबसे खास बात है कि उन्होंने किसी भी
श्रेणी के किराये में बढ़ोत्तरी नहीं की है. माल भड़ाया स्थिर रखने से व्यापारी वर्ग
भी राहत की सांस ले रहा है.
ममता ने 57 नई रेल गाड़ियां चलाने की घोषणा की है. निर्धन
वर्ग, महिलाओं और युवाओं के लिये उन्होंने
कई घोषणायें की हैं. डेढ़ हजार रुपये महीने से कम आय वाले परिवारों के लिये 25 रुपये
में मासिक टिकट दिया जायेगा जिससे 100 किलोमीटर की यात्रा की जा सकेगी. इसे 'इज्जत' पास
के नाम से जाना जायेगा.
एक दर्जन विशेष वातानुकूलित इंटरसिटी गाड़ियां चलाने
को भी मंजूरी दे दी गई है.
दिल्ली, कोलकाता और चेन्नै में कामकाजी महिलाओं को राहत देने के लिये भीड़-भाड़ वाले
समय में महिलाओं के लिए 'महिला स्पेशल' लोकल ट्रेनें चलायी जायेंगी. इसके साथ ही 357 स्टेशनों
पर महिलाओं के 'डॉरमिटरी' बनाने
को मंजूरी दे दी है.
तीसरी बड़ी राहत देते हुये उन्होंने 'तत्काल कोटे' से
आरक्षण कराने पर शुल्क 150 से घटाकर 100 रुपये कर दिया है. अब यात्री पांच दिन के बजाय
2 पहले ही तत्काल टिकट करा पायेंगे.
ममता बनर्जी ने 27 ट्रेनों के यात्रा मार्ग को आगे तक
बढ़ा दिया है जबकि 13 गाड़ियों की आवृत्ति में वृद्धि की है.
टिकट कॉउन्टरों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुये उन्होंने
पांच हजार डाकघरों से रेल टिकट बेचने के आदेश दिये हैं. लंबी दूरी की गाड़ियों में
ट्रेन में चिकित्सक और सचल दवा की दुकानें खोली जायेंगी.
इसके साथ ही उन्होंने 50 स्टेशनों को विश्व स्तरीय बनाने
का वादा किया है. उन्होंने कहा कि 140 ऐसे रेल स्टेशनों की पहचान कर ली गई है जो सुरक्षा
की दृष्टि से संवेदनशील हैं.और इनकी सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जायेगा.उन्होंने कहा कि 2008-09 में रेलवे द्वारा यात्री और
माल की ढुलाई में पांच-पांच प्रतिशत की वृद्धि हुई है.