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मंदी से निपटने के लिये एकीकृत वैश्विक प्रयास आवश्यक: भारत
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By कृष्णानन्द त्रिपाठी
07/07/2009
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 | | Manmohan Singh (file photo) | अर्थव्यवस्था में मंदी और निर्यात में कमी जैसी मुश्किलों से जूझ रही अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे भारतीय प्रधानमंत्री ने मंगलवार को कहा है कि वैश्विक आर्थिक मंदी से निपटने के लिये सभी देशों का मिलकर प्रयास करना जरूरी है.
उन्होंने कहा, "हम जिस तरह की वैश्विक आर्थिक मंदी का सामना कर रहे हैं वह भारत जैसे विकासशील देशों को विशेष तौर पर नुकसान पहुंचाने वाली है."
समूह-8 के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिये इटली रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने कहा, "हम इस आर्थिक मंदी को जन्म देने के लिये जिम्मेदार नहीं हैं लेकिन हमें इसके परिणाम भुगतने पड़ रहे हैं."
उन्होंने कहा, "विकसित देशों में मंदी ने विकासशील देशों के निर्यात को प्रभावित किया है. विकसित देशों में संरक्षणवादी मानसिकता बढ़ी है...जिससे पूंजी और ऋण के प्रवाह पर असर पड़ा है. इसी वजह से मैं चाहता हूं कि व्यवस्था की असफलता से निपटने और वास्तविक अर्थव्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने के लिये विश्व स्तर पर प्रयासों में समन्वय किया जा सके."
चार दिनों के इस दौरे में प्रधानमंत्री ब्राजील, चीन, मैक्सिको, दक्षिण अफ्रीका और भारत को मिलाकर बने पांच देशों के समूह के नेताओं से भी मिलेंगे.
इस दौरे में प्रधानमंत्री ब्रिटेन, इटली, जर्मनी, जापान और अंगोला के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकों में भाग लेंगे.
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