मुंबई के एक सत्र न्यायालय ने बुधवार को बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार फिल्म अभिनेता की जमानत की अपील को ठुकरा दिया है. शायनी को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में रहना होगा.
शायनी ने उसके विरुद्ध नौकरानी से बलात्कार के आरोप को 'मनगढंत' बताते हुये जमानत देने की अपील की थी. लेकिन पुलिस ने दलील दी कि रिहा होने की हालत में शायनी आहूजा पीड़ित महिला को धमकाने की कोशिश कर सकता है.
शायनी के वकील श्रीकांत शिवडे ने अदालत में दलील दी, "पीड़ित की तथाकथित बलात्कार की कहानी मनगढ़ंत और संदेह पैदा करने वाली है. यदि उसने विरोध किया होता तो अभिनेता के शरीर पर और चोटों के निशान मिलने चाहिये थे...लेकिन शायनी के हाथ में केवल दो खरोंचों के निशान हैं."
आहूजा के वकील ने कहा कि लड़की आसानी से भाग सकती थी या चेहरे को नोच सकती थी लेकिन उसने नहीं किया. वकील ने दलील देने की कोशिश की और कहा कि बलात्कार के आरोप लगाना बहुत आसान है...लेकिन आरोपी के लिये इससे बचाव करना कठिन होता है.
लेकिन अभियोजन पक्ष ने मेडिकल और फोरेन्सिक रिपोर्ट के आधार पर अभियुक्त को जमानत दिये जाने का विरोध किया. सरकारी वकील ने कहा, "सबूतों के आधार पर कहा जा सकता है...ये कि पीड़िता से बलात्कार किया गया है न कि उसकी सहमति से शारीरिक संबंध बनाये गये हैं."
पीड़िता की चिकित्सकीय जांच में भी यही संकेत दिये गये हैं कि उसके साथ बलात्कार किया गया है.
इस दलील के बाद अदालत ने शायनी आहूजा की जमानत की अर्जी को खारिज कर दिया.